Bareilly News: दामन पर लग रहे दाग मिटाने के लिए मांगी थी दुआ, आठ महीने बाद मिला सुकून
शाहजहांपुर। मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला कायस्थान निवासी दवा व्यापारी व सपा के पूर्व नगराध्यक्ष सरताज खां की हत्या में पुलिस उनकी पत्नी रेशमा व साले पर प्रॉपर्टी को लेकर शक जता रही थी। मंगलवार को पुलिस ने शाहबाज के एनकाउंटर के बाद बताया था कि उसकी भूमिका सरताज हत्याकांड में थी। घटना के खुलासे से सरताज खां के परिजन ने संतुष्टि जताई है। उन्होंने कहा कि आठ महीने के बाद सुकून मिला है।
24 जनवरी की सुबह सरताज खां का शव घर के अंदर लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। शुरुआत में लूट के बाद हत्या की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने लूट की घटना को नकार दिया। मामले में अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया था। जांच में पुलिस ने सराय निवासी शाहबाज को दो बार पकड़ा। सरताज खां के घर के सामने नाई की दुकान चलाने वाला शहरोज भी पुलिस के चंगुल से छूट गया था।
सरताज के साले वसीम बताते हैं कि पुलिस ने उनकी बहन यासमीन उर्फ रेशमा पर ही प्राॅपर्टी के लिए हत्या का शक जाहिर किया था। दंपती के कोई संतान नहीं थी। पति की हत्या के बाद अकेली पड़ी यासमीन अपना घर छोड़कर भाई वसीम के पक्का तालाब स्थित आवास पर रहने लगीं। वह अपने दामन पर लगे दाग को लेकर काफी परेशान थीं। वह नमाज पढ़कर असली गुनहगार को पकड़ में आने की दुआ करती थीं।
मंगलवार को पुलिस ने शाहबाज के एनकाउंटर के बाद बताया था कि उसकी भूमिका सरताज हत्याकांड में थी। केस का खुलासा होने पर यासमीन ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। बताया कि अब उन्हें सुकून मिला। उनके व भाइयों के दामन पर लगा दाग मिट गया।


