Bareilly News: निजी लैब संचालकों की गिरफ्त में सीएचसी, चूस रहे मरीजों का खून
बहेड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला के रक्त का नमूना लेते हुए निजी लैब के लोगों का वीडियो वायरल हो रहा है। इससे निजी लैब संचालकों और सीएचसी स्टाफ की मिलीभगत उजागर हो गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए वीडियो में जांच के लिए आई महिला के रक्त का नमूना लेते हुए दो व्यक्ति नजर आ रहे हैं। आरोप है कि ये दोनों एक निजी लैब के लिए काम करते हैं। सीएचसी स्टाफ के लोग सरकारी जांच को खराब बताकर निजी लैब से जांच कराने की बात कहते हैं। अगर मरीज तैयार हो जाता है तो स्टाफ ही इन लोगों को बुलाकर रक्त का नमूना एकत्र कराते हैं।
जांच के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूलकर उसका बंदरबांट किया जाता है।चर्चा है कि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति भी एक निजी लैब में कार्यरत है। वीडियो वायरल होने के बाद स्टाफ की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। चर्चा है कि इसमें स्थानीय अधिकारियों की भी मिलीभगत रहती है। बीते दिनों सील की गई दो पैथोलॉजी लैब की सील तोड़कर दोबारा संचालन का मामला सामने आ चुका है। शिकायत के बाद भी सीएचसी प्रभारी ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की है।
चर्चा: तीन लैब में भेजे जाते हैं सैंपल
सीएचसी के कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यहां जांच के लिए आने वाले मरीजों के नमूने तीन लैब में भेजे जाते हैं। सीएचसी की एक महिला कर्मचारी के भाई की नदेली रोड पर लैब है। वहीं, दो अन्य कर्मचारियों की पंजाबी कॉलोनी चौराहा और केसर रेलवे क्रॉसिंग के पास लैब हैं। इन तीन लैब के कर्मचारी बेरोकटोक सीएचसी में आते हैं।
वर्जन
वीडियो मे खून निकालने वाला एक व्यक्ति सीएचसी का ही कर्मचारी है। अन्य दो लोग मरीजों के रिश्तेदार हैं। मुझे बदनाम करने के लिए यह लैब संचालकों की साजिश है। – डाॅ. रोहम, सीएचसी प्रभारी
दो दिन पहले ही सीएचसी का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए कहा था। डीएम भी चेतावनी दे चुके हैं। अगर सीएचसी में प्राइवेट लैब संचालकों का दखल है तो स्टाफ की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। – अजय कुमार उपाध्याय, एसडीएम



