Bareilly News: शव रखकर प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक
भुता। दरोगा और सिपाही के साथ मारपीट के मामले में जेल गए वीरपाल की जेल में मौत के बाद परिजनों ने बुधवार को शव रखकर हंगामा कर दिया। पुलिस से भी धक्कामुक्की की। देर रात तक परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया। भुता और फरीदपुर थाने की पुलिस के साथ सीओ भी गांव में डटे हुए हैं।
30 अक्तूबर को डभौरा गांव में पुलिस ने शराब के नशे में गालीगलौज कर रहे वीरपाल को पुलिस ने डांटा था। आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ पुलिस से उलझ गया। हंगामा बढ़ने पर और लोग भी आ गए। उन्होंने पुलिस पर हमलाकर दिया। दरोगा की वर्दी फाड़ने के साथ मारपीट भी की गई। वीरपाल और उसके साथियों को छुड़ा लिया गया। मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर पीतम राम, वीरपाल, वीरेंद्र, हरपाल, बेगराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
कोर्ट में हाजिर होने के बाद सभी जेल चले गए। सोमवार रात वीरपाल की जेल में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव गांव लाया गया। परिजनों ने जेल में वीरपाल की हत्या कराने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। शव लेकर आए सिपाही को दौड़ा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी धक्कामुक्की की। हंगामे की सूचना पर सीओ फरीदपुर गौरव सिंह के साथ भुता और फरीदपुर थाने से फोर्स गांव पहुंच गया। मृतक के परिजन दरोगा और सिपाही पर मुकदमा दर्ज कराने और शव का फिर से पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
वीरपाल के बेटे ने बताया कि गांव के कुछ लोगों से उसके परिवार का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इन लोगों से मिलकर पुलिस ने मारपीट के झूठे आरोप में पिता को जेल भेजा था। साजिश के तहत जेल में हत्या करा दी गई। देर रात तक परिजन हंगामा करते रहे। पुलिस भी गांव में मौजूद रहे।
परिजनों को समझाया गया है। रात होने की वजह से अंतिम संस्कार नहीं किया गया। बृहस्पतिवार को सुबह ही अंतिम संस्कार कराया जाएगा। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। – गौरव सिंह, सीओ फरीदपुर



