Bareilly News: रीजन को 25 नई बसें मिलीं, पर बरेली के हिस्से में एक न आई
बरेली। सीएनजी, इलेक्टि्रक और बीएस-6 मॉडल के अलावा अन्य बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक के बाद से इस रूट पर चलने वाली बरेली और रुहेलखंड डिपो की बसों की संख्या घट गई है। इसलिए अब बीएस-6 मॉडल की बसें मुहैया कराई जा रही हैं। एक महीने में बरेली रीजन को बीएस-6 मॉडल की 25 नई बसें मिल चुकी हैं, लेकिन इनमें बरेली और रुहेलखंड डिपो को एक भी नहीं मिली है। ये बसें बदायूं और पीलीभीत के लिए आवंटित की गई हैं।
शासन ने बरेली रीजन को दो महीने पहले बीएस-6 श्रेणी की 79 बसों का आवंटन किया था। यह बसें दिवाली से पहले ही मिल जानी चाहिए थी, लेकिन बसें मिलने में देरी हुई। इस बीच दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण सीएनजी, इलेक्टि्रक और बीएस-6 मॉडल के अलावा अन्य बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। ऐसे में बरेली और रुहेलखंड डिपो के पास विकल्प सीमित हो गए।
फिलहाल बरेली डिपो के पास 10 और रुहेलखंड के पास ऐसी 11 बसें हैं। त्योहार के सीजन में इन्हीं को दिल्ली रूट पर चलाया गया, जबकि बीएस-4 मॉडल की बसों को कौशांबी तक ही चलाया गया। यही स्थिति अभी भी बनी हुई है। नवंबर में रीजन को बीएस-6 मॉडल की जो 25 नई बसें मिली हैं, उनमें 14 बदायूं को और 11 पीलीभीत को दी गई हैं। बरेली और रुहेलखंड डिपो को एक भी बस नहीं मिली है।
जल्द मिलेंगी 54 और नई बसें
रीजन को जनवरी, 2024 तक बीएस-6 मॉडल की 54 और बसें मिलनी हैं। मार्च तक बरेली, रुहेलखंड, पीलीभीत और बदायूं डिपो की 20 से अधिक पुरानी बसें उम्र पूरी कर बाहर हो जाएंगी। ऐसे में नई बसें मिलने के बाद भी कुछ रूटों पर समस्या बने रहने के आसार हैं। एसएम धनजीराम ने बताया कि बसों की लाॅट धीरे-धीरे आ रही है। जरूरत के हिसाब से सभी डिपो को बसों का आवंटन किया जा रहा है।



