Bareilly News: खुराफातियों ने की माहौल बिगाड़ने की साजिश
बरेली। सावन में कांवड़ यात्केरा के दौरान हुए बवाल के बाद बाद ईद मिलादुन्नबी पर खुराफातियों ने एक बार फिर शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची। जगतपुर और मीरा की पैठ की मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र से अंजुमनों का जुलूस गुजर रहा था। सब ठीकठाक चल रहा था। अचानक कुछ खुराफातियों की सुलगाई चिंगारी भड़क उठी। ऐन वक्त पर अफसरों के प्रबंधन और फोर्स की चुस्ती से माहौल शांत हो गया।
ईद मिलादुन्नबी पर पुराने शहर से निकलने वाली कई अंजुमनें क्षेत्र में घूमकर आधी रात को मुन्ना खां की नीम पर पहुंचती हैं। बुधवार रात 9:45 बजे तक सब ठीक था। जगतपुर तिराहे से एक अंजुमन मीरा की पैठ की ओर बढ़ी तो रवि की चक्की के पास दूसरे पक्ष के लोगों ने नई परंपरा बताकर इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोग धरने पर बैठ गए। पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो दूसरे पक्ष के लोग भी आक्रोशित हो गए। वह दूसरी सड़क पर धरने पर बैठने लगे।
माहौल बिगड़ता देख पुलिस के साथ आरएएफ और पीएसी के जवान भी मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच आरएएफ के जवान ढाल बनकर खड़े हो गए। आधा किमी के दायरे में पुलिस और अफसरों ने मोर्चा संभाल लिया। हुड़दंगियों को खदेड़कर पुलिस ने घरों के दरवाजे बंद करा दिए।
एडीजी-आईजी लेते रहे अपडेट, लखनऊ तक दी जानकारी
कुछ देर में ही लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की जानकारियां साझा करने लगे। अनहोनी की आशंका से सहमे लोग एक-दूसरे को फोन कर शहर का हाल जानने के लिए बेचैन रहे। एडीजी, आईजी मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी लेते रहे। सूचनाएं डीजीपी व शासन को भी भेजी गईं।
एसपी सिटी संग दूसरे अफसरों ने संभाला मोर्चा
एडीजी दफ्तर में कार्यरत और हाल ही में प्रोन्नत होकर सीओ बने रूपेंद्र गौड़ विवादित स्थल पर पहुंचे। भीड़ को हटाकर चौराहे पर कुर्सियां डालकर बैठ गए। दोनों वर्ग के लोगों को बुलाकर समझाया। एसपी सिटी राहुल भाटी, सीओ थर्ड आशीष प्रताप सिंह और सीओ प्रथम श्वेता यादव ने भी स्थिति संभाली। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
एक पक्ष ने लगाया नई परंपरा का आरोप
विवाद के दौरान एक पक्ष के यज्ञदत्त शर्मा व धर्मेंद्र आदि ने बताया कि जुलूस का सही मार्ग जगतपुर तिराहे से शाहदाना होकर श्यामगंज और वहां से सैलानी में मुन्ना खां की नीम जाने का है। शॉर्टकट के चक्कर में लोग अंजुमन को इधर से निकालना चाहते हैं। पिछले साल दो अंजुमन पीछे रह गई थीं। संचालकों के अनुरोध पर दोनों को इधर से निकलवा दिया गया था। इस बार भी सात अंजुमनें निकल गईं। इस पर उन लोगों ने विरोध दर्ज कराया जो सही था। आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी।
दूसरे पक्ष ने भड़काने का लगाया आरोप
अंजुमनों की ओर से आईएमसी के प्रवक्ता डॉ. नफीस खान ने पुलिस-प्रशासन से बात की। बताया कि हर साल इधर से ही जुलूस निकलता है। इस बार भी सात अंजुमनें गईं। अगर रास्ता गलत था तो बाद में बल्ली क्यों लगा दी गई। शायद किसी ने बस्ती के लोगों को भड़का दिया।अंजुमन के साथ खूब गरजे डीजे
इस बार दरगाह प्रबंधन की ओर से एलान किया गया था कि डीजे बजाने वाली अंजुमनों का विरोध किया जाएगा। उन्हें अपने जुलूस में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद आधी से ज्यादा अंजुमनों में डीजे या तेज साउंड पर धार्मिक गीत बजाए गए। साथ में बाइकों पर सवार लड़के हुड़दंग मचा रहे थे। इससे भी माहौल बिगड़ने का अंदेशा बना।



