Bareilly News: नशाखोरी से रहें दूर, शरई दायरे में रहकर बढ़ाएं भाईचारा
बरेली। उर्स-ए-रजवी के दूसरे दिन सोमवार को इस्लामिया काॅलेज मैदान में सुबह अंतरराष्ट्रीय सौहार्द कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें उलमा ने लोगों को नशाखोरी से दूर रहने व शरई दायरे में रहते हुए सौहार्द को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
मुफ्ती आसिफ मंजरी ने देशभर से आए उलमा व मस्जिदों के इमामों से कहा कि वह जुमे की नमाज के खुतबे में सौहार्द को बढ़ावा देने की बात करें। अपनी तकरीर में नफरत को मिटाने पर जोर दें। मुफ्ती अहमद रजा ने मांग उठाई कि पैगंबर-ए-इस्लाम व दूसरे मजहबों के रहनुमाओं के खिलाफ टिप्पणी करने वालों के लिए सख्त कानून बनाया जाए।
मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के वरिष्ठ मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि इस्लाम शांति का मजहब है। यही वजह है कि मुसलमान शरीयत पर अमल करने के साथ-साथ अपने मुल्क के संविधान पर भी चलता है। लोग पूरे मुल्क में इस्लाम की अमन पसंद सुन्नी सूफी विचारधारा को पहुंचाएं। मुस्लिम युवा खुद को मजहब व समाज विरोधी गतिविधियों से दूर रखें। बेहतर तालीम हासिल करें।
मुफ्ती स्वालेह रजवी ने नौजवानों को सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक, भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सियासी लाभ के लिए नफरत फैला रहे हैं। हमें उनसे सावधान रहने की जरूरत है। कॉन्फ्रेंस का आगाज कारी रिजवान रजा ने तिलावत-ए-कुरान से किया। संचालन मुफ्ती शोएब रजा मंजरी व कारी यूसुफ रजा सम्भली ने किया।
कॉन्फ्रेंस दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) की सदारत में आयोजित की गई। सय्यद आसिफ मियां व उर्स प्रभारी राशिद अली खां की निगरानी में कार्यक्रम संपन्न हुए। इस दौरान मुफ्ती आकिल रज़वी, मुफ्ती जमील, मुफ्ती फैज, कारी अब्दुर्रहमान कादरी, मुफ्ती अय्यूब खां नूरी आदि ने आला हजरत को खिराज पेश करते हुए मसलक को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
खानकाह तहसीनी में उर्स-ए-रजवी हसनी हसनैनी की महफिल सजाई गई। कार्यक्रम का आगाज इत्तेहाद-ए-अहले सुन्नत के उपाध्यक्ष कारी अल्ताफ तहसीनी ने तिलावत-ए-कुरान पाक से किया। सज्जदानशीन मौलाना हस्सान रजा खान ने आला हजरत और उनके परिवार के बुजुर्गों के बारे में तकरीर की। खानकाह के प्रबंधक इत्तेहाद-ए-अलहे सुन्नत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहेब रजा खान ने उर्स मनाने का मकसद बताया। कुल शरीफ की रस्म रिजवान मियां ने अदा की। शिजरा सफवान मियां ने पढ़ा, अमीन मियां ने नात शरीफ का नजराना पेश किया। कुल के बाद महताब तहसीनी ने लंगर तकसीम किया। उर्स में मौलाना हसन रजा, मुबाशिर रजा, सैयद महबूब मियां, मौलाना खुर्शीद मुस्तफा, सैफ वली खान, मुन्ना खान, शारुख तहसीनी, अजम तहसीनी सहित जामिया तहसीनी जिया उल उलूम के तलबा की शिरकत रही।
उर्स-ए-रजवी के मौके पर आपसी मोहब्बत का पैगाम देने के लिए नावल्टी चौराहे पर हिंदू-मुस्लिम ने मिलकर फूल बांटे। रुहेलखंड विशविद्यालय के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व समाजसेवी जहीर अहमद ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उर्स में शिरकत करने आए मेहमानों को फूल के साथ सौहार्द का संदेश दिया। इसमें एडविन प्रेम, मनजीत सिंह बिट्टू, दीपक कुमार आदि शामिल रहे।



