Bareilly News: बरेली कॉलेज में सुबह से शाम तक हंगामा, भटकते रहे छात्र
बरेली। परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख होने पर बरेली कॉलेज में सुबह से ही हंगामा होता रहा। छात्र परेशान होकर कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक भटकते रहे। इसी बीच कॉलेज में फॉर्म ही समाप्त हो गए। इससे दूर-दूर से आए विद्यार्थियों परेशान होते रहे, लेकिन उन्हें समाधान नहीं मिल सका।
कॉलेज में छात्र मयंक ने बताया कि उसे पांचवें सेमेस्टर के कुछ विषय पोर्टल पर ही नहीं दिख रहे हैं। समाधान के लिए प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने प्रबंध समिति को पत्र लिखा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कॉलेज इकाई मंत्री लकी शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। छात्र विवि में परीक्षा नियंत्रक और रजिस्ट्रार कार्यालय तक जा पहुंचे। प्रॉस्पेक्टस में नियम है कि किसी के पास तीन विषय हैं, तो उसे पांचवें सेमेस्टर में एक विषय छोड़ना ही होगा। वह स्ववित्त पोषित कोर्स का एक विषय अवश्य लेगा। ऐसे में कई छात्र सेल्फ फाइनेंस का विषय छोड़ना चाह रहे थे, लेकिन इन नियमों के कारण, उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विद्यार्थियों को जबरन विषय न थोपें कॉलेज
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार की ओर से सभी संबद्ध कॉलेजों के लिए पत्र जारी किया गया है। इसमें लिखा है कि कॉलेजों में कुछ विशेष विषयों को जबरदस्त चयनित कराने का मामला संज्ञान में आया है। कॉलेजों की ओर से विषयों के चयन में स्वचालित व्यवस्था करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई हैं। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विवि के नियमों के विरुद्ध है। किसी भी विद्यार्थी को जबरदस्ती कोई भी विषय दिलवाना नियम के विरुद्ध है। वह कोई भी विषय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। इसलिए जबरन विषय ने थोपे जाएं। ऐसा न करने पर कॉलेेजों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
निर्देश के बावजूद सत्यापित नहीं किए विषय
एक अन्य पत्र में परीक्षा नियंत्रक ने लिखा है कि छात्रों की ओर से चुने गए विषयों के अनुसार परीक्षा फॉर्म को सत्यापित करने की जिम्मेदारी संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों की है। विषयों में संशोधन का विकल्प दिए जाने के निर्देश के बाद भी कॉलेजों की ओर से विषयों को भलीभांति सत्यापित नहीं किया गया। इसलिए कॉलेजों को 28 नवंबर तक संशोधन का अंतिम अवसर दिया गया है।



