Bareilly News: आरटीई पोर्टल की खामियों में फंसा गरीब बच्चों का हक
बरेली। यू-डायस कोड की गड़बड़ी के चलते आरटीई पोर्टल पर खामियां दिख रही हैं। प्रवेश के लिए विकल्प के रूप में एक ही स्कूल एक जगह बंद तो दूसरी जगह संचालित दिख रहा है। इसमें नगर क्षेत्र के स्कूलों की संख्या अधिक है। इस असमंजस के चलते ज्यादातर अभिभावकों ने इन स्कूलों को प्रवेश के विकल्प के रूप में नहीं चुना है। इसका सीधा लाभ निजी स्कूलों को मिल रहा है। विभाग की इन खामियों के चलते गरीब बच्चों का हक मारा जा रहा है। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
पोर्टल पर मौजूद दो विकल्प, दोनों की स्थिति अलग
स्कूल-1
राजेंद्र नगर स्थिति जिंगल बेल्स स्कूल (प्री) के भी पोर्टल पर दो विकल्प मौजूद हैं। इनमें से एक बता रहा है कि विद्यालय बंद हो चुका है और दूसरा विद्यालय की स्थिति को संचालित अवस्था में बता रहा है। मौके पर वास्तव में स्कूल संचालित पाया गया है।
स्कूल- 2
डेलापीर स्थित वाईएमएम पब्लिक स्कूल का हाल भी कुछ ऐसा ही है। प्रधानाध्यापिका पिंकी दीक्षित ने बताया कि पोर्टल की खामियों के चलते ऐसा हो रहा है। स्कूल में इस साल आरटीई के तहत एक भी आवेदन नहीं आया है। अधिकारियों ने कहा है कि अभिभावकों को स्कूल पसंद न आने की वजह से इसे विकल्प में ही नहीं भरा गया है।
अन्य स्कूलों का भी यही हाल
आशीर्वाद ग्लोबल स्कूल, प्रभात पब्लिक स्कूल, एमएफ जनता स्कूल, आदर्श शिक्षा निकेतन जूनियर हाईस्कूल, ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, केके पब्लिक स्कूल, शैली पब्लिक स्कूल, एसएस पब्लिक पीआर स्कूल, खत्री मॉन्टेसरी स्कूल, बीएल इंटरनेशनल स्कूल, मानसरोवर पब्लिक स्कूल मठ लक्ष्मीपुर समेत अन्य कई स्कूलों की यही स्थिति दिखाई जा रही है।
कई स्कूलों का नाम भी बदला
स्वदेश भूषण पब्लिक स्कूल का एक विकल्प बंद दिखा रहा है, दूसरे विकल्प में विद्यालय का नाम बदलकर एसबी पब्लिक स्कूल किया गया है और उसे एक्टिव दिखाया जा रहा है। क्रिएशन पब्लिक स्कूल का नाम भी दूसरे विकल्प में क्रिएशन्स स्कूल और स्टेटस एक्टिव दिखाया जा रहा है। सर्वोदय पब्लिक स्कूल समेत अन्य कई स्कूलों की भी ऐसी ही स्थिति है।
यू-डायस में दिक्कतों के चलते कई बार स्कूल बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि बाद में इसका समाधान हो जाने पर उसे एक्टिव कर दिया जाता है। आरटीई पोर्टल पर आ रही इन दिक्कतों के पीछे भी कहीं न कहीं यही कारण है। इसकी जांच कराई जा रही है। जल्द निस्तारण किया जाएगा। -विनय कुमार, बीएसए


