Bareilly News: जेल कर्मियों से दोस्ती के दम पर कराई थी शूटरों की मुलाकात
बरेली। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सद्दाम ने कई राज उगले। उसने पुलिस को बताया कि किस वह बरेली जिला जेल में बंद रहे बहनोई अशरफ को सहूलियतें पहुंचाता था। गुर्गों को जेल में ले जाकर अशरफ से मिलवाता था। उसने बंदीरक्षक शिवहरि अवस्थी व अन्य लोगों के नाम लिए, जिन्हें वह रकम देता था। बदले में वे अशरफ तक रसद व अन्य सामग्री भेजते थे। इन्हीं कर्मियों की मदद से उसने उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की अशरफ से मुलाकात कराई थी। आरोपी कर्मचारी जेल में बंद हैं।
उधर, सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद ही प्रयागराज में मौजूद परिजनों व रिश्तेदारों से लेकर उसके चहेतों ने सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू कर दिया कि उसके साथ अनहोनी हो सकती है। प्रयागराज में बैठे सद्दाम के गुर्गों को उसके एनकाउंटर का अंदेशा था, इसलिए सोशल मीडिया पर सद्दाम की गिरफ्तारी की खबर फैलानी शुरू कर दी। एसटीएफ ने सद्दाम का फोटो जारी किया तो गुर्गों ने इसे भी वायरल कर दिया।
बिथरी में दर्ज मुकदमे में वांछित मुख्य आरोपी सद्दाम की ही गिरफ्तारी शेष थी। इनके अलावा प्रयागराज निवासी गुड्डू बमबाज और अरमान के नाम भी बाद में इस मुकदमे में खोले गए थे। इनके बारे में भी पुलिस को अहम जानकारी मिली है। सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रही उसकी बहन जैनब और अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता के बारे में भी पुलिस को अहम सुराग मिलने की बात बताई जा रही है। प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ की टीमें बरेली एसटीएफ के संपर्क में हैं। जल्दी ही चारों फरार आरोपियों पर शिकंजा कसा जा सकता है। सद्दाम को रिमांड पर भी लिया जा सकता है।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद सद्दाम दिल्ली, मुंबई व कर्नाटक तक घूमा। उसके दुबई जाने की भी चर्चा हुई, हालांकि पूछताछ में उसने इसे स्वीकार नहीं किया। सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद बिथरी थाने में मुकदमे के विवेचक सीओ तृतीय आशीष प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने उससे लंबी पूछताछ की। एसटीएफ के डीएसपी अब्दुल कादिर व उनकी टीम पहले से मौजूद थी। सद्दाम ने उन्हें बताया कि वह ज्यादातर समय दिल्ली और मुंबई में रहा। कर्नाटक के मैसूर में भी वक्त गुजारा। हालांकि, वह दुबई जाने की बात को टाल गया।
गिरफ्तारी के बाद आतिन ने बिथरी चैनपुर पुलिस को सद्दाम और उसके गुर्गों के बारे में जानकारी दी थी। आतिन असद के साथ बरेली आकर सद्दाम के कमरे पर रुकता था। इसलिए आतिन को जानकारी थी कि सद्दाम के साथ कौन-कौन रहता है। पुलिस उन बिंदुओं पर काम कर रही थी। इस बीच यह साफ हो गया था कि सद्दाम आजकल दिल्ली में है और प्रेमिका के संपर्क में है। थाना पुलिस त्योहार व जुलूस निपटाने में लगी रही। इधर, एसटीएफ ने गुडवर्क कर लिया।
सद्दाम ने लल्ला गद्दी से दोस्ती कर शहर में विवादित जमीन की सौदेबाजी में लगा था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को प्रॉपर्टी के काम से जुड़े गुड्डू उर्फ फरहत से मिलवाया था। सद्दाम ने फरहत के खाते में प्रापर्टी खरीदने के लिए रुपये भेजे थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद लेनदेन के सबूत मिलने पर फरहत को जेल भेजा गया था। लल्ला गद्दी ने सद्दाम को फुरकान, नाजिश, सैय्यद साहब आदि लोगों से भी मिलवाया था। ये लोग विवादित जमीन में सद्दाम से अशरफ की अवैध कमाई का रुपया लगवाते थे और खुद कब्जा करते थे। समझौते की बात आती थी तो मोटी रंगदारी लेते थे।
2013 के बाद अशरफ को फरारी काटने में सद्दाम और उसके भाइयों ने मदद की थी। अशरफ प्रयागराज के बम्हरौली में इमरान के घर में छिपा था। वहां धूमनगंज पुलिस ने दबिश देकर सद्दाम और उसके चार भाइयों को गिरफ्तार किया था। इसके कुछ समय बाद अशरफ को उसकी ससुराल हटवा से गिरफ्तार कर लिया गया था। तभी से पुलिस ने अशरफ के ससुरालवालों पर शिकंजा कस दिया था। मददगार के तौर पर सद्दाम का घर भी गिरा दिया गया था।



