पीलीभीत

Pilibhit News: हृृदयाघात हो तो मेडिकल कॉलेज मत आइए… यहां नहीं है कोई विशेषज्ञ

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If you have a heart attack, do not come to the medical college, there is no specialist here.

जिला चिकितसालय । संवाद

पीलीभीत। मेडिकल साइंस के मुताबिक हार्ट के मरीज के लिए 60 मिनट गोल्डन पीरिएड माना जाता है। इसमें अगर उपचार मिल जाए तो जान बचाई जा सकती है। पीलीभीत से बरेली तक 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही 60 मिनट बीत जाते है। ऐसे में मरीजों के लिए हर क्षण खतरा बढ़ता जाता है। मेडिकल कॉलेज में बीते करीब दो दशक से हृदय रोग विशेषज्ञ न होने से लोगों के सामने यह अहम समस्या बनी हुई है।

हृदय रोगों के प्रति जागरूकता के लिए हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय रोग दिवस मनाया जाता है। शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक दिल पूरे शरीर में रक्त का संचार करता है। इस प्रक्रिया में किसी तरह की समस्या आने पर शरीर में काफी दिक्कतें आ सकती है। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज बनने के बाद लोगों को हर रोग के अच्छे इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी। दो दशकों से मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति ही नहीं हो सकी है।

हृदय से संबंधित बीमारी से पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंचते है तो फिजिशियन से उनका उपचार कराया जाता है। गंभीर समस्या होने पर यहां के डॉक्टर हाॅयर सेंटर के लिए रेफर कर देते है। मुख्यालय से हायर सेंटर यानी बरेली की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने में मरीज को लगभग 60 से 80 मिनट लगते है, जबकि हृदय रोगी के लिए सिर्फ 60 मिनट ही गोल्डन पीरिएड के रूप में मिलते हैं। इसके बाद उसे उपचार तो दिया जाता है, मगर हर समय खतरा बना रहता है।

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अभी तक हृदय रोग 50 वर्ष से ऊपर के लोगों में हेते थे, लेकिन अब यह समस्या 25-30 वर्ष के युवाओं में भी हो रही है। हृदय रोगियों को तेज दर्द होने पर ही दिल की समस्या का एहसास होता है। कभी-कभार लोग इसे गैस की समस्या समझते हुए मेडिकल स्टोर या फिर अन्य किसी झोलाछाप से दवा ले लेते हैं। इससे हालत और भी गंभीर हो जाती है। दिल के पास समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा लें। – डॉ. भारत कंचन, डिप्लोमा कॉर्डियोलॉजिस्ट।

ये बरतें सावधानी

1- अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए रोजाना योगाभ्यास करें।

2- ध्रूमपान व नशे की चीजों से दूर रहें।

3- ब्लड प्रेशर व शुगर की समय समय पर जांच कराएं।

4- कोलेस्ट्राल की जांच कराते रहें।

5- खाने पीने में फल व सलाद का प्रयोग ज्यादा करें।

6- घी, तेल, चिकनी चीजों से परहेज करें।

वर्जन:

दो दशकों से हमारे पास हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। हालांकि मरीज के आने पर उसे फिजिशियन से उपचार दिलाया जाता है। गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर देते है। – डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्रचार्य, मेडिकल कॉलेज


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