Bareilly News: बिना परमिट और अनुबंध के ही छात्र-छात्राओं को ढो रही थी वैन
बरेली। स्कूली बच्चों को अनधिकृत वाहन से लाने-ले जाने के आरोप में एआरटीओ संदीप जायसवाल ने सेक्रेट हार्ट स्कूल के प्रबंधक, वैन स्वामी और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि बिना परमिट और अनुबंध के ही वैन से बच्चों को ढोया जा रहा था। गनीमत रही कि हादसे में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
सेक्रेट हार्ट स्कूल के छात्र-छात्राओं को जिस वैन (यूपी 32 जीडब्ल्यू 7261) से लाया जा रहा था, वह लखनऊ में पंजीकृत है। स्कूल वाहन के रूप में वैन का कभी रजिस्ट्रेशन नहीं रहा। वैन का फिटनेस भी नहीं है। हादसे के बाद पुलिस ने वैन को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल, चालक का इलाज चल रहा है। पुलिस वैन स्वामी की तलाश कर रही है। एआरएटीओ संदीप जायसवाल ने बताया कि स्कूल प्रबंधक को हादसे के संबंध में नोटिस भी जारी किया गया है।
डेढ़ महीने में दूसरा हादसा, निष्क्रिय हैं विद्यालय यान समितियां
परिवहन विभाग ने स्कूलों में विद्यालय यान समितियों का गठन किया है। इनमें स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को शामिल किया गया है। यह समितियां निष्क्रिय हैं। अभिभावक भी स्कूल वाहनों को लेकर पड़ताल नहीं करते। ऐसे में हादसे होते रहते हैं। डेढ़ महीने में स्कूल वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह दूसरा हादसा है। सात सितंबर को हाईवे पर फरीदपुर के पास छात्र-छात्राओं से भरी कृष्णा पब्लिक स्कूल की बस पिकअप वाहन से टकरा गई थी। हादसे के वक्त बस में शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत 36 छात्र-छात्राएं सवार थे। हादसे में 19 लोगों को चाेट आई थी।
ये है सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन
– वाहन स्कूल के नाम पंजीकृत या अनुबंध पर होना चाहिए।
– वाहन पीले रंग का होना चाहिए।
– वाहन पर विद्यालय का नाम और दोनों ओर पंजीयन नंबर होना चाहिए।
– वाहन बंद बाॅडी टाइप का होना चाहिए।
– वाहन में फर्स्ट-एड बाॅक्स और अग्निशमन यंत्र, गति सीमा नियंत्रण यंत्र, सभी सीटों पर सीट बेल्ट, सीसीटीवी कैमरा व जीपीएस लगा होना चाहिए।
-चालक का ड्राइविंग लाइसेंस कम से कम पांच वर्ष पुराना होना चाहिए।
वैन में छात्र-छात्राओं को अनधिकृत रूप से ले जाया जा रहा था। मामले में स्कूल प्रबंधक, वाहन स्वामी और चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। – संदीप जायसवाल, एआरटीओ प्रवर्तन
वाहन पंजीकृत है। गलती स्कूल वाहन चालक की नहीं, बल्कि ट्रक चालक की है। प्रबंध समिति के सदस्यों ने छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों से मुलाकात की है। – निर्भय बेनीवाल, अकादमिक निदेशक



