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Bareilly News: युवाओं की टैटू भक्ति… शरीर पर बनवा रहे त्रिशूल, डमरू और ओम

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बरेली। सावन में वातावरण शिवमय हो गया है। युवाओं ने भी भगवान शिव के प्रति आस्था जताने का नया व नायाब तरीका ढूंढ लिया है। वे शरीर पर भगवान शिव सहित उनके प्रतीक स्वरूप डमरू, त्रिशूल व ओम के टैटू बनवा रहे हैं। युवाओं के हाथ, गले व सीने पर इस तरह के प्रतीक देखे जा सकते हैं।

शहर में कई टैटू स्टूडियो बन गए हैं। टैटू आर्टिस्ट बताते हैं कि पॉप कल्चर में आने वाले सभी ट्रेंड में टैटू का नाम सबसे ऊपर आता है। आम लोग फिल्मी सितारों की देखादेखी भी टैटू बनवाने का शौक रखते हैं। 500 रुपये से शुरू होकर हजारों रुपये तक के टैटू बनाए जाते हैं। एक बार टैटू बनवाने के बाद लोगों को इसका शौक चढ़ जाता है।

टैटू संस्कृति का इतिहास

मान्यता के अनुसार 3370 ईसा पूर्व से 3100 ईसा पूर्व के बीच टैटू संस्कृति विकसित हुई। साल 1991 में खोजा गया ””ओटजी द आइसमैन”” नामक ममी इसका प्रमाण माना गया। उसके शरीर में 61 टैटू बने हुए थे। चीन में कैदियों की पहचान के लिए उनके चेहरे पर टैटू बनाए जाते थे। अब यह फैशन बन गया है।

सोशल मीडिया पर गॉट इंक्ड का ट्रेंड

सोशल मीडिया पर टैटू के साथ फोटो व वीडियो अपलोड करने का ट्रेंड बढ़ रहा है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर गॉट इंक्ड नाम से हैशटैग भी प्रचलित हो गया है। इसमें लोग भोले के प्रतीकों के स्थायी व अस्थायी टैटू बनवाकर पोस्ट कर रहे हैं।

टैटू के नुकसान

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि टैटू बनवाने से त्वचा संबंधित कई परेशानियां होती हैं। खासकर टैटू के बारिश में संपर्क में आने पर इंफेक्शन होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। टॉक्सिक इंक त्वचा व मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाती है। पसीना निकलने की क्रिया प्रभावित होती है। कई संस्थानों में नौकरी मिलने में समस्या हो सकती है।

सावन में 50 फीसदी से अधिक युवा भोलेनाथ के प्रतीकों का टैटू बनवाते हैं। महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं है। अधिकतर लोग कलाई और गर्दन पर टैटू गोदवाना पसंद करते हैं। – अन्नू, टैटू आर्टिस्ट

टैटू बनवाने के लिए लोग समय बुक कर लेते हैं। ओम, त्रिशूल के साथ महादेव लिखवाना भी बहुत पसंद किया जा रहा है। आठ साल से गोदने का चलन काफी बढ़ गया है। – कपिल, टैटू आर्टिस्ट


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