Bareilly News: टूरिस्ट परमिट की आड़ में डग्गामारी, कर चोरी-तस्करी के साथ ढो रहे सवारी
बरेली। डग्गामार वाहन संचालकों ने शहर के अलावा देहत के प्रमुख कस्बों तक अपनी पैठ बना ली है। वहां से टूरिस्ट परमिट की आड़ में दिल्ली, जयपुर, अजमेर जैसे शहरों के लिए डग्गामारी की जा रही है। हाफिजगंज, सिरौली समेत कई कस्बों से संचालित होने वाली इन बसों से न केवल टैक्स चोरी के माल की ढुलाई की जा रही है, बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी भी हो रही है। जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हुए हैं, जबकि सरकार को रोज लाखों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है।
शाम ढले डग्गामार बसों का स्टैंड बन जाता है बाइपास
हाफिजगंज बाइपास पर शाम होते ही अवैध बसों का अस्थायी स्टैंड बन जाता है। इनके ठेकेदारों ने वहीं पर अपनी दुकानें बनाकर बड़े-बड़े बोर्ड लगा लिए हैं। ये दिल्ली, जयपुर आदि शहरों के लिए सवारियों व माल की बुकिंग करते हैं। यहां से अवैध कोरियर भेजकर टैक्स चोरी की कजाती है। डबल डेकर बसों के नीचे बने चैंबर में रखे माल की कहीं चेकिंग नहीं की जाती। जिम्मेदार अनजान बने रहते हैं। कभी शासन से दबाव आया तो दूसरे जिलों से चलने वाली बसों को सीज कर खानापूर्ति कर देते हैं। इन बसों के संचालन पर कोई आंच नहीं आती है।
दिल्ली-पंजाब तक दौड़ रही अवैध बसें
नेताओं और अफसरों के संरक्षण में सिरौली कस्बे से दिल्ली-पंजाब तक डग्गामारी की जा रही है। इनकी वजह से दिल्ली व मुरादाबाद के लिए संचालित होने वाली परिवहन निगम की बसों को आय न होने का तर्क देकर बंद किया जा चुका है। इन बसों में व्यावसायिक सामान लाया जाता है और लाखों रुपये के टैक्स की चोरी होती है। आरोप तो ये भी है कि तस्कर भी इन्हीं बसों से माल को इधर-उधर ले जाते हैं। अधिकतर बसें थाने या नगर पंचायत कार्यालय के सामने रोडवेज बस अड्डे से सवारियां भरती हैं। अक्सर यात्रियों से इनके विवाद होते हैं। शिकायत पर कार्रवाई भी नहीं होती।
फरीदपुर में बस से हो रही थी डोडा की तस्करी
फरीदपुर कस्बे से एक बड़ा पैकेट बस में रखकर दिल्ली भेजा जा रहा था।तीन दिन पहले फरीदपुर पुलिस ने इसको पकड़ लिया था। पैकेट में पांच किलो डोडा रखा हुआ था। पुलिस ने बस चालक एवं चाय की दुकान संचालक को हिरासत में लिया था।
पूर्वी में जाम लगाती हैं बसें
शाम को शाहजहांपुर से अवैध डबल डेकर बसें दिल्ली के लिए निकलती हैं जो फतेहगंज पूर्वी कस्बे में हाईवे पर खड़ी होकर सवारियां भरती हैं। इनकी वजह से शाम के समय जाम की स्थिति पैदा होती है। रोडवेज बसों के मुकाबले यात्री इनमें बैठना ज्यादा मुफीद समझते हैं और व्यापारी माल भी इन्हीं बसों से मंगाते हैं।
वर्जन
अवैध रूप से संचालित होने वाली बसों के मामले में अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। जहां भी ऐसी बसें मिल रही हैं, उन्हें सीज किया जा रहा है। – जेपी गुप्ता, एआरटीओ प्रवर्तन
परिवहन विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस डग्गामार वाहनों का संचालन बंद कराने में जुटी है। शिकायतों व स्थलीय जांच के आधार पर कार्रवाई हो रही है। – मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात


