Bareilly News: रबर फैक्टरी की जमीन देखने पहुंचे यूपीडा के अधिकारी
फतेहगंज पश्चिमी। 1999 से बंद पड़ी सिंथेटिक एंड कैमिकल्स (रबर फैक्टरी) की जमीन पर इंडस्ट्रियल हब बनाने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्यौगिक विकास प्राधिकरण(यूपीडा) के अधिकारी जमीन का निरीक्षण करने पहुंचे। करीब एक घंटे तक वह यहां रुके। अधिकारी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगे।
रबर फैक्टरी 1999 में बंद हो गई थी। कई सालों से करीब 1200 एकड़ जमीन पर कभी उद्योग लगाने तो कभी दूसरी बड़ी परियोजनाएं लाने की कवायद चल रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भी कई बार पत्र लिखे। शासन रबर फैक्टरी की जमीन पर इंडस्ट्रियल हब बनाने पर सहमत हो गया है। कुछ समय पहले फैक्टरी की जमीन को कानूनी तौर पर राज्य सरकार के स्वामित्व में लेने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सौंपी गई थी।
कागजों में जमीन को राज्य सरकार के नाम दर्ज कराने के साथ उस पर कब्जा लेने की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी। शुक्रवार को यूपीडा के वरिष्ठ भू-अर्जन अधिकारी वीपी श्रीवास्तव, तहसीलदार प्रज्ञा सिंह के साथ भूमि का निरीक्षण करने पहुंचे। कानूनगो हरिद्वारी लाल और जगदीश गंगवार के साथ राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी भी साथ थे।
टीम ने पहले शंखा-अगरास रोड और बाद में रहपुरा रोड की ओर से जमीन का जायजा लिया। भूमि के अभिलेख भी देखे। बातचीत में भू-अर्जन अधिकारी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि हर जिले में निष्प्रयोज भूमि का शासन की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। इसी क्रम में वह रबर फैक्टरी की जमीन देखने आए हैं। सर्वे के बाद वह अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगे। यहां इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनेगा या नहीं यह निर्णय शासन की ओर से ही लिया जाएगा।



