Bareilly News: नदियों का जलस्तर बढ़ा, रेलवे ने बढ़ाई पुलों की निगरानी
बरेली। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के कारण नदियों में उफान के चलते संभावित खतरे को देखते हुए रेलवे अलर्ट है। पूर्वोत्तर रेलवे के बरेली-कासगंज रेल ट्रैक पर गंगा और रामगंगा नदियां हैं। करीब 15 किमी रेल ट्रैक गंगा के कटान क्षेत्र से गुजरता है। रेलवे इस ट्रैक को बारिश और बाढ़ के सीजन में संवेदनशील श्रेणी में रखता है। इन दिनों गंगा खतरे के निशान पर हैं। इस कारण इन पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
हाल के दिनों में बारिश के कारण उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल से संचालित होने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। हालांकि, अब तक पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर रेल मंडल के तहत आने वाले 85 स्टेशनों और 1000 किमी रेल ट्रैक पर बारिश के कारण कहीं विशेष नुकसान की सूचना नहीं है। पहले से उफान पर चल रहीं नदियां और इस बीच मौसम विभाग का भारी बारिश के अलर्ट को पूर्वोत्तर रेलवे ने गंभीरता से लिया है। डीआरएम कार्यालय की ओर से बड़ी नदियों पर बने पुलों के साथ छोटी पुलियों पर भी निगरानी का निर्देश दिया गया है। बारिश से रेल ट्रैकों पर पानी भरने और कटान के खतरे को देखते हुए 24 घंटे गैंग समेत अन्य व्यवस्थाएं तैयार रखने के लिए कहा गया है।
कछला के पास जमींदोज करना पड़ा था रेल इंजन
– पूर्वोत्तर रेलवे के तहत आने वाले बरेली-कासगंज रेल रूट पर गंगा के कटान से गुजरने वाले रेल ट्रैक पर विशेष सुरक्षा पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, इसी कटान क्षेत्र में करीब 10 साल पहले बितरोई स्टेशन के पास रेल ट्रैक धंस गया था। इससे रेल इंजन और एक डिब्बा डिरेल हो गया था। कुछ ही देर में रेल इंजन दलदली भूमि में धंस गया। रेल इंजन को निकालने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस पर रेलवे ने इंजन को वहीं छोड़कर पहले रेल ट्रैक चालू किया। बाद में इस रेल इंजन को निकालने के स्थान पर जमींदोज करने का निर्माण लिया गया। आज तक इस रेल इंजन को वहां से निकाला नहीं जा सका। बाद में रेलवे ने यह इंजन जमींदोज घोषित कर दिया।
वर्जन-
बारिश के कारण नदियों में उफान के चलते पुलों और कटान क्षेत्रों में सुरक्षा पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। कछला में गंगा के आसपास के इलाकों में 24 घंटे निगरानी की जा रही है। बारिश के दौरान रेल ट्रैकों पर पानी भरने के अलावा अन्य विशेष समस्या नहीं है। कछला के पास डिरेल हुए इंजन को पहले ही जमींदोज घोषित कर दिया गया है। – राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्जतनगर रेल मंडल



