बायजूस को तगड़ा झटका, तीन बोर्ड सदस्यों के इस्तीफे के बाद डेलॉयट ने कोच पद पर कब्जा कर लिया
<पी शैली ="पाठ-संरेखण: औचित्य सिद्ध करें;">ऑनलाइन टीचिंग की सुविधा प्रदान करने वाली कंपनी बायजू की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। 22 जून को एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख कार्यकारी मामलों के संस्थापक बायजू रेज़िन के साथ समर्थकों का अभिनंदन देते हुए बायजू के तीन बोर्ड सदस्यों ने अपना पद छोड़ दिया है। इसके साथ ही एक तकनीशियन ने भी अपना पद छोड़ दिया है।
सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक सिकोइया कैपिटल के जीवी यूनिवर्स, चेन जुकरबर्ग के विवियन वू और प्रोसास के रसेल ड्रेसस्टेनपॉक ने बोर्ड से छुट्टी दे दी है। इसके अलावा, कंपनी कंपनी डेलॉयट ने बायजू की तरफ से वित्तीय जानकारी देने में देरी के कारण खुद को कोच के पद से अलग कर लिया है।
क्यों बायजू से अलग हुई डेलॉयट
वर्ष 2025 तक बायजू का बैच लगाने के लिए फर्म डेलॉयट हैस्किंस एंड सेल्स ने कंपनी के वित्तीय विवरणों को देर से आने के कारण खुद को प्रभावित करने वाले प्रभाव से अलग कर लिया है। कंपनी ने अपने प्रोफाइल में कहा है कि जानकारी मिलने में देरी के कारण उसका काम शुरू नहीं हो पाया है। कंपनी ने कहा कि वह मानक के अनुसार समय पर काम पूरा नहीं कर सकती। ऐसे में वह मैकेनिक का पद छोड़ रही है।
नए कोच की पेशकश
डेलॉयट के पद छोड़ने के बाद बायजू ने कैथोलिक को नया डॉक्टर नियुक्त किया। बायजू ने कहा कि इससे वित्तीय समीक्षा एवं अल्पसंख्यक के लिए लाभ मिलता है। वहीं तीन बोर्ड सदस्यों ने इस्तीफा क्यों दिया है, इसके बारे में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।
अब बोर्ड मंडल में कौन-कौन?
बायजू से इतनी कमियां के बाद अब बोर्ड मेंबर में सिर्फ मुख्य मुख्य अधिकारी और संस्थापक बायजू रेस्टून, उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ और भाई रिजून रेस्टून ही बचे रह गए हैं। हालाँकि अभी भी कंपनी ने इसे चॉकलेट से खारिज कर दिया है। दावा है कि बायजू ने एक अमेरिकी अदालत में 12 अरब डॉलर के कर्ज भुगतान को लेकर कर्जदाताओं के खिलाफ कानूनी मुकदमा दायर किया है और कर्जदाताओं पर आरोप लगाने का आरोप लगाया है।
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