Budaun News: 273 दिन, 412 सड़क हादसे… 257 लोगों ने गंवाई जान

जान जोखिम में डालकर डग्गामार पर सवारी करते लोग। संवाद
बदायूं। जिले में इस साल जनवरी से सितंबर तक 273 दिन में 412 सड़क हादसे हुए। इनमें 257 लोगोंं की जान गई, जबकि 300 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सबसे ज्यादा 210 हादसे रात नौ बजे से 11 बजे के बीच हुए। इनमें 120 लोगों की जान गई। अनुमान के मुताबिक, 60 फीसदी लोग शराब पीकर वाहन चलाने से जान गंवा रहे हैं। सड़कों के गड्ढे और ओवरलोड डग्गामार वाहन भी हादसे की वजह बन रहे हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यातायात नियमों का पालन न करना भी हादसों की वजह बताई गई है।
ये आंकड़े यातायात विभाग के हैं। इनमें जनवरी से लेकर सितंबर तक कुल 412 सड़क हादसे दर्ज हैं। सबसे अधिक सड़क हादसे रात नौ बजे से 11 बजे के बीच होने पाए गए हैं। इस अवधि में जिले में रात नौ बजे से 11 बजे के बीच कुल 210 हादसे हुए हैं। इनमें 120 लोगों की जान गई, 170 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
शाम छह बजे से रात नौ बजे के बीच 70 हादसे हुए। इनमें 55 लोगों की मौत हुई और 80 गंभीर रूप से घायल हुए। रात 11 बजे से अगले दिन शाम छह बजे तक यानी 19 घंटे की अवधि में कुल 132 हादसे हुए। इनमें 82 लोगों की मौत हुई, जबकि 50 लोग घायल हुए। जान गंवाने वाले इन 412 लोगों में से 152 लोग ऐसे थे तो अत्यधिक शराब का सेवन कर वाहन चला रहे थे।
सड़कों के गहरे गड्ढे बन रहे हादसों की वजह
बदायूं से उसावां तक मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इसपर अलापुर थाना क्षेत्र के संजरपुर, इस्माइलपुर, सखानूं, म्याऊं सहित कई जगह गहरे गड्ढों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। 30 अक्तूबर को उसावां के पास गड्ढे के वजह से हुए हादसे में चार स्कूली बच्चों समेत पांच लोगों की जान जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते सड़कों की मरम्मत का काम कछुआ गति से हो रहा है।
ओवरलोड डग्गामार वाहन भी करा रहे हादसे
जिले में कोई मार्ग ऐसा नहीं है, जिस पर डग्गामार वाहनों का कब्जा न हो। पुलिस की सांठगांठ से चल रहे ओवरलोड डग्गामार वाहन हादसों का सबब बन रहे हैं। दातागंज रोड पर सराय पिपरिया, मूसाझाग, पापड़, डहरपुर के पास सबसे अधिक हादसे हुए हैं। बदायूं-कुंवरगांव और बदायूं-कादरचौक रोड पर भी ऑटो के क्षमता से अधिक सवारी भरकर चलने से हादसे हो रहे हैं। यातायात पुलिस के आंकडों के अनुसार, जिले में रोजाना एक व्यक्ति की हादसे में जान जा रही है।
जिले में हादसों को ग्राफ बढ़ रहा है। इसके लिए यातायात माह का शुभारंभ भी किया गया है। हादसों में कमी लाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें लोगों को हेलमेट और सील्ट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। – कमलेश कुमार मिश्रा, यातायात निरीक्षक

जान जोखिम में डालकर डग्गामार पर सवारी करते लोग। संवाद