Budaun News: डेंगू से जेई समेत चार की मौत, 15 और मरीज मिलने से 423 हुई संख्या

अब्दुल्लागंज में जागरुक करते मलेरिया निरीक्षक तनवीर।स्रोत-स्वास्थ्य विभाग
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम करने में नाकाम साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सारे दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। जिले में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। 24 घंटे में जेई समेत चार लोगों की डेंगू से मौत हो गई। शनिवार को 15 और मरीज मिलने से जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 423 हो गई है। लक्ष्मीपुर व बांस बरौलिया समेत कई गांवों में डेंगू का कहर जारी है।
सुबह-शाम हल्की ठंड होने के बाद मलेरिया के मरीजों में कमी आने लगी है, लेकिन डेंगू का कहर बरकरार है। जिले में अब तक मलेरिया के 2420 मरीज मिले हैं। 15 और मरीज मिलने के बाद डेंगू के मरीजों का आंकड़ा भी 423 तक पहुंच गया है। आसफपुर के गांव लक्ष्मीपुर, अंबियापुर के गांव बांस बरौलिया, उझानी के अब्दुल्लागंज, जगत के गांव आमगांव में डेंगू से मौतों का सिलसिला जारी है।
जिले में अब तक 243 लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन्हें डेंगू से होना नहीं मान रहा है। उसके रिकॉर्ड में सिर्फ छह मौतें ही दर्ज हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में कैंप लगवाकर रोगियों की जांच और उन्हें दवाई वितरित कराने का दावा कर रहा है, लेकिन डेंगू पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। रोजाना डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं।
निजी अस्पताल ने की किशोर को डेंगू होने की पुष्टि
उझानी। क्षेत्र के गांव अब्दुल्लगंज निवासी दिव्यांश (14) वर्ष पुत्र कुष्ण मुरारी को चार दिन पहले बुखार आया था। परिवार वालों ने उसे उझानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की। इसके बाद परिवार के लोग उसे बदायूं के निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। इधर, गांव बसंतनगर निवासी जोगराज (30) वर्ष को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। जोड़ डेंगू मौत
कठोली में डेंगू से बुजुर्ग ने दम तोड़ा
उझानी क्षेत्र के गांव कठोली निवासी देवकुमार (60) को सप्ताह भर पहले बुखार आया था। परिवार के लोगों ने उनकी जांच कराई तो वह डेंगू संक्रमित पाए गए। गंभीर हालत में उनको बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई।
जेई शैलेंद्र कुमार की डेंगू ने ली जान
ककराला। कस्बे के बिजलीघर पर तैनात अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार की डेंगू से मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर ककराला बिजलीघर पर उनको तेज बुखार आया। साथ ही मुंह से खून आने पर कर्मचारियों ने अलापुर के एक निजी चिकित्सक को दिखाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। वहां जांच में उन्हें डेंगू होने की पुष्टि हुई। शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वह मूलरूप से बरेली के प्रेमनगर के रहने वाले थे। फरवरी 2022 में उनको यहां तैनाती मिली थी।
जागरूकता का अभाव, घरों में पाल रहे लार्वा
बदायूं। मलेरिया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी टीमें लगातार घर-घर जाकर लार्वा नष्ट करने का अभियान चला रही हैं। इसके बाद भी लोग अपने घर में लगे कूलर आदि में लार्वा पालने का काम कर रहे हैं। अगर हर व्यक्ति अपने घर में खुद पानी न भरने दे लार्वा पर नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों की लापरवाही के चलते ही डेंगू बेकाबू होता जा रहा है। शनिवार को टीम ने अंबियापुर ब्लॉक के गांव खोंसारा में लार्वा नष्ट कराया। साथ ही कीटनाशक का छिड़काव किया
मलेरिया के पांच, डेंगू के 15 मरीज मिले
बदायूं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की 23 टीमों ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। 1344 लोगों की जांच में बुखार के 625 मरीज मिले। इनमें तीन मरीजों में मलेरिया पीवी और दो में मलेरिया पीएफ पाया गया, वहीं 15 मरीज डेंगू संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब जिले में एलाइजा जांच में पाए गए डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 423 हो गई है।

अब्दुल्लागंज में जागरुक करते मलेरिया निरीक्षक तनवीर।स्रोत-स्वास्थ्य विभाग

अब्दुल्लागंज में जागरुक करते मलेरिया निरीक्षक तनवीर।स्रोत-स्वास्थ्य विभाग


