बदायूं

Budaun News: किशोरी की हत्या करने के आरोपी परिजन फरार, पुलिस ने पड़ोसियों के दर्ज किए बयान

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कादरचौक। थाना क्षेत्र में एक गांव में गर्भवती होने पर किशोरी की हत्या करने के आरोपी परिजन फरार हैं। मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस जब गांव पहुंची तो किशोरी के परिजन घर पर नहीं मिले। पुलिस ने पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। स्थानीय अभिसूचना इकाई ने भी गांव पहुंचकर घटना के राज तलाशे।

पड़ोसियों ने पुलिस को पताया कि घरवालों ने उन्हें किशोरी की मौत का कारण पेट में दर्द होना बताया था। किशोरी का गांव के ही युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों का मिलना-जुलना रहता था। इसी बीच किशोरी गर्भवती हो गई। उसके पेट में दर्द हुआ तो परिजन डॉक्टर के यहां ले गए। जहां उसके गर्भवती होने की बात पता चली। इससे बौखलाकर परिजनों ने किशोरी की हत्या कर दी और शव दफना दिया।

शुक्रवार को यह मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने गांव मेंं किशोरी के घर पहुंची, लेकिन परिजन गायब थे। घर में सिर्फ एक युवती पुलिस को मिली। वह घटना के बारे में कुछ नहीं बता सकी। उसने परिजनों के बारे में बताया कि वे दिल्ली में काम करते हैं, इसलिए वहीं गए हैं। परिजनों का मोबाइल फोन नंबर मांगा तो युवती ने याद न होने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की तो वे भी खुलकर कुछ नहीं बता पाए।

एक-दो ग्रामीण ने ही पुलिस को बताया कि उनको किशोरी के परिजनों ने बताया था कि उसके पेट में दर्द हुआ था, इससे उसकी मौत हो गई। रात में ही शव दफना दिया गया था। इसके बाद स्थानीय अभिसूचना इकाई ने भी गांव पहुंचकर काफी देर तक पड़ताल की। इस संबंध में एसओ वेदपाल सिंह ने बताया कि किशोरी के परिजनों को थाने बुलाया जाएगा। उनके आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। गांव वाले बीमारी से मौत की बात बता रहे हैं।

दातागंज में छात्रा की हत्या के मामले को दबा रही पुलिस

बदायूं। दातागंज कोतवाली क्षेत्र में प्रेम विवाह के शक में छात्रा की हत्या कर उसका शव जलाकर गंगा में बहाने के मामले को पुलिस नकार रही है। पुलिस अंदरखाने मामले की जांच तो कर रही है, लेकिन इस प्रकरण में कोई भी पुलिस अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। घटना उजागर होने के दूसरे दिन पुलिस ने मृतका के परिजनों को पुलिस चौकी बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की बात कही थी। सवाल उठता है कि परिजन अगर आत्महत्या बता रहे हैं तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी, शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया। गुपचुप तरीके से शव को जलाकर क्यों बहा दिया गया। इन सवालों के जवाब पूछने पर भी पुलिस मामले को घुमाती रही। इस संबंध में सीओ दातागंज कर्मवीर सिंह का कहना है कि घटना के बारे में पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, कोई तहरीर देगा तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद


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