Budaun News: प्रशासन ने टीम की गठित, बाढ़ प्रभावित स्थानों का होगा सर्वे

सहसवान के खागी नगला में घटा बाढ़ का पानी खेत में फसलें हुई खराब। संवाद
राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी- कर्मचारी रहेंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने पर अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक ने कुछ राहत की सांस ली है। ऐसे में अब प्रशासन ने आवासीय, कृषि जमीन कटने और खराब हुई फसल का सर्वे कराने के लिए टीम का गठन किया है, जिसमें राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी शामिल होंगे। वे सर्वे कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे। उसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
जिले में बाढ़ की वजह से चार तटबंध को अति संवेदनशील घोषित चल रहे थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार पानी कम होने से अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी। वहीं मंगलवार को गंगा खतरे के निशान से नीचे आ गई। ऐसे में अति संवेदनशील चल रहे चंदनपुर हुसैनपुर तटबंध को बुधवार को अब संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
बाढ़ की वजह से दातागंज के लालपुर खादर, कुंडरा मजरा, जलेबी नगला, शेरपुर, पट्टी बिजा समेत अन्य कई गांव, उसहैत में बेहटी, कमले नगला, कदम न गला, रैपुरा, असमया रफतपुर, ठाकुरी नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, कमलू नगला समेत अन्य गांव, सहसवान के खागी नगला, वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, भमरोलिया, खरकबारी मानपुर, धापड़, तौफी नगला आदि गांव के किसानों की हजारों बीघा धान, मक्का, मूंगफली की फसल किसानों को बर्बाद हो गई है।
हालांकि प्रशासन ने अभी इस संबंध कोई सर्वे नहीं कराया है, लेकिन पानी कम होने से अब प्रशासन ने सर्वे कराने के लिए टीम का गठन किया है। यह टीम सर्वे कर अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी। उसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
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बोले किसान-
चार बीघा मक्का की फसल थी। पानी भर जाने के कारण उसमेें कीड़ा लग गया, जिससे वह खराब हो गई।
-सतेंद्र, बेहटी
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आठ बीघा मूंगफली की फसल सूड़ी लग जाने के कारण वह पूरी तरह से नष्ट हो गई। ऐसे में परिवार के भरण पोषण का साधन खत्म हो गया है। -उर्वेश यादव, बेहटी

सहसवान के खागी नगला में घटा बाढ़ का पानी खेत में फसलें हुई खराब। संवाद

सहसवान के खागी नगला में घटा बाढ़ का पानी खेत में फसलें हुई खराब। संवाद



