Budaun News: एआरएम ने चलाया अभियान, नहीं नजर आईं डग्गामार बसें
बदायूं। रोडवेज परिवहन निगम द्वारा चलाए जा रहे अभियान के चलते शुक्रवार को जिले में रोडवेज के रंग में रंगीं डग्गामार बसें नजर नहीं आईं। एआरएम ने कहा कि उझानी इलाके में लगातार बसों के पकड़े जाने से कुछ दिन मामला शांत रहेगा, लेकिन उनकी चेकिंग बंद नहीं होगी। उन्होंने दिल्ली-बदायूं रूट पर सर्वाधिक यात्रा करने वाले लोगों से अपील की कि जिन बसों में डिपो का नाम न लिखा हो, उसमें यात्रा न करें। ऐसी अवैध बसों में दुर्घटना के दौरान कोई क्लेम भी नहीं मिलता।
जिले में वैसे तो कई मार्गों पर डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है, लेकिन दिल्ली-बदायूं रूट का अलग ही हिसाब है। यहां डग्गामार बसों का संचालन भी रोडवेज बसों के समानांतर होता है। इन बसों का रंग व हुलिया ऐसा होता है कि यात्री आसानी से धोखा खा जाते हैं। इन डग्गामार बसों पर साधारण किराया, जिले का नाम और कहां से कहां तक जाएगी, यह लिखा होता है। अंतर है तो सिर्फ इतना ही कि इन पर डिपो का नाम नहीं लिखा होता। असल में यही डग्गामार बसों की पहचान भी है।
परिवहन निगम के एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे के मुताबिक, रोडवेज बस और डग्गामार बसों में काफी अंतर है। रोडवेज बसों में यात्रियों को सकुशल पहुंचाने की जिम्मेदारी निगम की होती है। एक बस खराब हो जाए तो दूसरी बस का इंतजाम कराया जाता है। यात्रियों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाता है। कोई हादसा होने पर क्लेम आदि की भी सुविधा होती है, लेकिन डग्गामार बसों में यह सुविधाएं नहीं होतीं। बदायूं-दिल्ली रूट पर यह बसें कब छोड़कर भाग जाएं। कुछ पता नहीं। इसलिए यात्रियों को इनमें यात्रा करने से बचना चाहिए।।
एआरएम बोले, नहीं रुकेगा डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान
एआरएम धणेंद्र कुमार चौबे शुक्रवार को स्वयं डग्गामार बसों की चेकिंग पर निकले। उन्होंने बदायूं-दिल्ली रूट और गंजडुडवारा रूट पर भी बसों को तलाश किया। सुबह से लेकर शाम तक इन रूटों पर बसों की तलाश चलती रही, लेकिन एक भी बस नजर नहीं आई। एआरएम ने कहा कि उझानी इलाके में लगातार बसों के पकड़े जाने से कुछ दिन तक मामला शांत रहेगा, लेकिन उनकी चेकिंग लगातार जारी रहेगी।