बदायूं

Budaun News: मिट्टी डालने के लिए बंजर भूमि को बनाया तालाब, मेड़ काटी

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Barren land made pond for pouring soil, dam cut

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

-गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण का मामला

कई गांवों के किसानों को भारी नुकसान, बरसात में ऊंचाई वाले खेतों की ढह जाएगी मिट्टी

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं/वजीरगंज। गंगा एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी डलवाने वाले ठेकेदारों ने बंजर भूमि के आसपास कई किसानों के खेतों की मेड़ तक काट डाली है। इतना ही नहीं उनके खेतों के बराबर में 15 से 18 फुट गहराई तक गड्ढे करके तालाब बना दिए गए हैं। किसानों को यही सबसे बड़ा नुकसान है। बरसात के दिनों में न सिर्फ ऊंचाई वाले खेतों की मिट्टी ढह जाएगी, बल्कि उनके खेत भी खाई बन जाएंगे।

वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र में करीब तीन सौ बीघा बंजर भूमि (मरहर) है। उसके आसपास निमठौली, कादरनगर, कर्रगांव, पुन्नापुर, टिकुरी और वजीरगंज कस्बे के किसानों के खेत हैं। वहीं कुछ दूरी पर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। बताते हैं कि शुरुआती दौर में गंगा एक्सप्रेस-वे के ठेकेदार किसानों के पास पहुंचे थे। तब उन्होंने उनके खेतों से मिट्टी उठाने का सौदा करने की बात की थी, लेकिन किसानों ने खेतों की दशा खराब होने के डर से मिट्टी उठाने को मना कर दिया था। आसपास इलाके में एक्सप्रेस-वे समतल करने के लिए मिट्टी नहीं मिल रही थी। तब अधिकारियों ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए ग्राम समाज के मरहर से मिट्टी उठाने को कह दिया था।

जब मिट्टी का उठान शुरू हुआ तो शुरुआती दौर में किसानों ने ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे मरहर को तालाब ही बना दिया गया। मिट्टी उठाने वाले इतने पर भी नहीं रुके। उन्होंने मरहर के आसपास खेतों की मेड़ तक काट डाली। कहीं दो मीटर तो कहीं एक मीटर तक मेड़ काट दी गई। कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन सरकारी कार्य में उनकी एक न चली। बीते दिनों हुई बारिश में किसानों को इसके दुष्परिणाम दिखाई दिए। कई खेतों की मिट्टी कटकर बराबर में 15 से 18 फुट गहराई तक बने तालाबनुमा गड्ढे में ढह गई। अभी बरसात का मौसम नहीं आया है। इससे किसान और ज्यादा परेशान हैं।

सुरक्षित नहीं हैं बच्चे और खेत

मरहर के आसपास जिन किसानों के खेत हैं उनके बच्चे और उनके खेत इन तालाबनुमा गड्ढों के होने की वजह से असुरक्षित हैं। अब इन गड्ढों की गहराई देखकर किसान भी डरने लगे हैं कि अब अकेले बच्चों को खेत पर नहीं भेज सकते हैं। कहीं उनका पैर ही फिसल गया तो वह सीधे इन गड्ढों में जा गिरेंगे। अगर उनमें पानी भरा गया तो और बड़ा खतरा बन जाएगा।

क्या कहते हैं किसान

हमारे खेत के पास में मरहर से मिट्टी उठाई गई है। मरहर हमारे खेत से करीब 15 से 18 फुट गहरा हो गया है। इससे हमको कोई फायदा नहीं है। केवल नुकसान ही नुकसान है। हमारा खेत कटेगा और फसल बर्बाद होगी वो अलग।

– फिद्दन खां

मिट्टी उठाने से हमारा खेत मरहर से 15 से 18 फुट ऊंचा हो गया है। जब हमारे खेत से मिट्टी कटेगी तो मरहर के गड्ढे में ही जाएगी तो हमारा खेत कटकर कम हो जाएगा। उन्हें तो कुछ जगह छोड़कर मिट्टी उठानी चाहिए थी।

– भूरे खां

हमारे खेत की मेड़ तक काट ली गई है। अब बताओ मेड़ कटने से खेत कहां पहुंचे, कितनी फसल बर्बाद होगी। कितना खेत कट जाएगा। इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इससे हमारी फसल और खेत दोनों को नुकसान है।

– तेजराम

खेत के नजदीक में मिट्टी उठाने से खतरा ही खतरा है। सबसे बड़ी मुश्किल ये हो गई है कि हम अपनी फसलों की रखवाली करें या फिर बच्चों की। डर यह है कि अगर कोई बच्चा इन गड्ढों में गिर गया तो उसे ढूंढना बड़ा मुश्किल होगा।

– अंगनलाल

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद

08बीडीएन47-वजीरगंज इलाके में एक्सप्रेस-वे को खोदी गई मिट्टी।संवाद


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