Budaun News: देर-सबेर गली-मोहल्लों से गुजरते वक्त चौकन्ने रहिए… कुत्तों का है आतंक
बदायूं। शहर से लेकर देहात तक कुत्तों का आतंक है। गली-मोहल्ले में घूम रहे कुत्ते आए दिन राहगीरों पर हमला कर उनको जख्मी कर रहे हैं। मॉर्निंग वॉक के लिए निकलने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। कुत्ते उन्हें दौड़ा लेते हं। ऐसे में तमाम लोग सुरक्षा के लिए डंडा लेकर निकल रहे हैं।
कुत्तों के आतंक का अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर महीने डेढ़ से दो हजार लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल आ रहे हैं। सोमवार को वाघ बकरी चाय के कार्यकारी निदेशक पराग देसाई की कुत्तों की वजह से ही जान चली गई। उन पर कुछ दिन पहले अहमदाबाद में सुबह टहलते समय कुत्तों ने हमला कर दिया था। उनसे बचने के चक्कर में वह गिरकर घायल हो गए थे। उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
यहां भी गांवों और शहर-कस्बों की हर गली में कुत्तों के झुंड रहते हैं, जो राहगीरों पर हमलावर हो रहे हैं। सड़कों पर तो ये कुत्ते बाइक व कार का पीछा करने लगते है। हड़बड़ाकर अक्सर बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। कस्बा अलापुर के वार्ड नंबर नौ निवासी सत्यवीर सिंह पाल ने अपने घर के पास ही 100 से अधिक भेड़ें पाल रखी हैं। जनवरी में कुत्तों के झुंड ने हमला कर 27 भेड़ों को मार डाला था। करीब 22 भेड़ें घायल हो गई थीं।
इधर, नगर पालिका के प्रभारी ईओ एसपी वर्मा के अनुसार, आवारा कुत्तों की संख्या को लेकर अभी हाल में कोई सर्वे नहीं कराया गया है। अगर आवारा कुत्तों में कोई बीमारी होती है, तो पशुपालन विभाग की ओर से इसे दिखवाया जाएगा।
एंटी रैबीज लगवाने वालों की महीनेवार संख्या
जुलाई- 2,118
अगस्त- 1,883
सितंबर- 2,189
बचाने वाले नहीं मिलते तो मॉर्निंग वॉक छोड़ दी
शहर में पार्कों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। ऐसे में अधिकांश लोग बरेली रोड, चंदौसी रोड समेत लालपुल, ककराला रोड पर टहलने जाते हैं लेकिन आवारा कुत्तों का आतंक इतना है कि कुछ लोग अब मॉर्निंग वॉक छोड़कर घर की छतों पर ही टहलना पसंद कर रहे हैं। दरअसल, सुबह के समय सड़कों पर ज्यादा लोग नहीं होते। ऐसे में यदि कुत्ते हमला कर देते हैं तो लोग बचाने भी नहीं आ पाते। लोचीनगला निवासी बुजुर्ग मिथलेश कुमारी ने बताया कि वह रोजाना टहलने जाती थीं लेकिन सड़क पर कुत्ते हमलावर हो जाते हैं। ऐसे में अब गली में ही टहलना शुरू कर दिया है। यहीं के अनूप कुमार बताते हैं कि कुत्तों के आतंक से उनका सुबह का टहलना बंद हो गया है।