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Budaun News: बिल्सी में कांटे का होगा मुकाबला, भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती

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बिसौली विधायक आशुतोष मौर्य ने अपनी पत्नी सुषमा को मैदान में उतारा

भाजपा की ज्ञानदेवी सागर से मानी जा रही सीधी टक्कर, सुषमा पहले भी रह चुकी है चेयरमैन

संवाद न्यूज एजेंसी

बिल्सी। बिल्सी में नगर पालिका का चुनाव रोचक होने के आसार हैं। भाजपा ने अध्यक्ष पद पर दो बार सभासद रही ज्ञानदेवी सागर को मैदान में उतारा है तो वही बिसौली से सपा विधायक आशुतोष मौर्य ने अपनी पत्नी एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष सुषमा मौर्य को चुनावी दंगल में उतारकर इसे रोचक बना दिया है। यहां ऊंट किस करवट बैठेगा ये तो अभी कहना मुश्किल होगा, लेकिन यह तय है कि भाजपा के लिए राह आसान नहीं होगी। बिल्सी पालिकाध्यक्ष की सीट इस बार अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। पिछले चुनाव में यह सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित थी। तब भाजपा से अनुज वार्ष्णेय जीते थे। इस बार जब नए सिरे से आरक्षण हुआ तब यह सीट अनुसूचित महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई। हालांकि आरक्षण को लेकर अंदरखाने भाजपा के कई दावेदारों में नाराजगी भी रही लेकिन वह खामोश रहे।

भाजपा से टिकट हासिल करने के लिए कई दावेदार थे और वे टिकट प्राप्त करने के लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं के संपर्क में थे लेकिन रविवार को जब भाजपा ने सूची जारी की तो उसमें पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश सागर की पत्नी ज्ञानदेवी सागर का नाम था। भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद से ही इस बात की चर्चा अधिक जोर पकड़ गई कि अब बिसौली क्षेत्र के विधायक मोहल्ला संख्या दो निवासी आशुतोष मौर्या भी अपनी पत्नी सुषमा मौर्य को चुनावी समर में उतार सकते हैं। यह चर्चा सोमवार को सही साबित हुई जब उन्होंने सुषमा मौर्य का नामांकन करा दिया। सुषमा के चुनावी समर में आने से उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी से सीधा होना माना जा रहा है।

भाजपा प्रत्याशी ज्ञानदेवी सागर पार्टी के कार्य और विकास कार्यों के नाम पर मतदाताओं को अपनी ओर करने के प्रयास में रहेंगी तो सुषमा मौर्य भी समाज के हर वर्ग का समर्थन होने की बात कह रही हैं। इनके पति आशुतोष मौर्य बिल्सी विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक रहे हैं। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली सुषमा मौर्य को यह उम्मीद है कि भाजपा से नाराज जनता का उन्हें समर्थन और सहयोग मिलेगा। यही उनकी जीत का आधार रहेगा। दूसरी ओर भाजपा को भी जीतना किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा। ऐसे में यहां पर अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।

बसपा और कांग्रेस भी सेंध लगाने का करेगी प्रयास

– भाजपा प्रत्याशी अपने परंपरागत वोटर के जरिए अपनी स्थिति को मजबूत मान रहे हैं तो सुषमा मौर्य भी खुद को काफी मजबूत मान रही हैं। समाजवादी पार्टी ने किसी भी प्रत्याशी को अपना सिंबल नहीं दिया है, लेकिन आशुतोष मौर्य समाजवादी पार्टी से ही बिसौली से विधायक हैं इसलिए सुषमा मौर्य को सपा समर्थित प्रत्याशी माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस की देवकी देवी और बसपा से आई कमलेश कुमारी भी कहीं न कहीं सुषमा मौर्य और भाजपा की ज्ञानदेवी सागर के वोटरों में सेंध लगाने का प्रयास करेंगी।


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