Budaun News: गोआश्रय स्थल फुल…सड़कों पर घूम रहे सांड़

30बीडीएन04- शहर की सड़कों पर इस तरह घूमते हैं छुट्टा सांड़। संवाद
बदायूं। गांव देहात की बात छोड़ दें, शहर में ही लोग सड़कों पर आवारा घूम रहे सांड़ों से सुरक्षित नहीं है। खुले घूम रहे ये सांड़ अक्सर लोगों पर हमलावर हो जाते हैं लेकिन पालिका के पास इन्हें रोकने के कोई इंतजाम नहीं है। पालिका के पास एकमात्र गोआश्रय स्थल है, जहां क्षमता के अनुसार पशु लगभग पूरे हैं।
नगर पालिका कार्यालय के सामने ही पालिका का गो आश्रय स्थल बना है। सौ पशुओं की क्षमता वाले इस आश्रय स्थल में 90 पशु हैं। इनमें भी 25 सांड़ है, लेकिन सैकड़ों की संख्या में सांड़ शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं और लोगों की जान को खतरा बने हैं। ये सांड जहां पर चाहे पर वहां अपना बसेरा बना लेते हैं। इसकी वजह से सड़क पर यातायात बाधित हो रहा है। इनको पकड़ने की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है जिसके लिए पालिका ने कैचर भी ले रखा है, लेकिन पालिका को इस समस्या से कोई मतलब नहीं दिखता। गो आश्रय स्थल भरा कहकर अधिकारी भी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं तो पिछले पांच सालों में भी इस पर कोई काम नहीं किया गया। अब दूसरा गोआश्रय स्थल तलाशे जाने की बात कहकर पालिका प्रशासन अपना पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।
कई लोगों को कर चुके घायल, दुकानों में भी तोड़फोड़
– सड़कों पर घूम रहे सांड़ कई बार लोगों पर हमलावर हो जाते हैं। शुक्रवार को ही सिविल लाइंस निवासी विजय कुमार की बाइक को गद्दीचौक पर एक सांड़ ने टक्कर मार दी, जिससे विजय को काफी चोट आई। गनीमत ये रही कि टक्कर मारने के बाद सांड़ दूसरी तरफ मुड़ गया, नहीं तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी। इसके अलावा कुछ महीने पहले रजी चौक पर एक सांड़ ने जमकर उत्पात मचाया था और कई दुकानों में तोड़फोड़ कर दी थी। भगाने के प्रयास में कई लोग चोटिल भी हो गए थे।
इन स्थानों पर सबसे ज्यादा समस्या-
– गद्दी चौक
– कचहरी रोड
– शिवपुरम – नई सराय चौकी के पास
– स्टेशन रोड
छुट्टा गोवंश जगह-जगह करते हैं गंदगी
– शहर की सड़कों पर घूमने वाले गोवंश, सांड एक तो राहगीरों पर जब चाहे हमला बोल देते हैं, साथ ही जगह-जगह सड़कों पर गंदगी कर देते हैं। सड़क किनारे पकड़े कूड़े को भी सड़कों पर फैला देते हैं। इससे गंदगी भी सड़कों पर हो जाती है। इसके अलावा गोबर फैलने से भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
क्या बोले लोग
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-जनप्रतिनिधियों को सबसे पहले जनहित को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए, क्योंकि शहर में अभी भी तमाम समस्याएं है, जो लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। छुट्टा सांड़ उन समस्याओं में से एक है। ये लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
-समर्थ रस्तोगी
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-शहर में सड़कों के हाल बेहद ही खराब है। अधिकांश सड़के टूटी हुई चल रही है। वहीं सबसे बुरा हाल गलियों का है। वहां पर पैदल निकलने वाले लोगों के लिए भी जगह नहीं बची है। ऐसे में जब सांड़ भागकर गलियों में जाते हैं तो लोगों की जान को भी खतरा होता है। -वेद प्रकाश
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– शहर में नालों की सफाई कई सालों से ठीक से नहीं हुई है। इसकी वजह से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। पालिका प्रशासन को आवारा पशुओं का भी इंतजाम करना चाहिए। -कमलेश
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-शहर में गंदगी तो हर तरफ फैली हुई। इसके अलावा सांड भी प्रमुख समस्याओं में शुमार है। कई स्थानों पर यह समस्या विकराल बन गई है, जहां 24 घंटे सांड़ों का झुंड मौजूद रहता है। वह जब चाहे किसी भी राहगीर पर हमला कर देते हैं। इससे कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। -विजय सिंह
– शहर में एक गोआश्रय स्थल है। इसमें सौ गोवंश तक ही रखे जा सकते हैं। वर्तमान में इसमें 90 गोवंश रह रहे हैं। सड़कों पर छुट्टा घूमने वाले गोवंशों को रखने के लिए अब जगह बेहद कम है। ऐसे में दूसरे गोआश्रय स्थल में बात की जा रही है। दूसरे गोआश्रय स्थल में जगह मिलने पर इन सांड को पकड़कर वहां पर भेज दिया जाएगा। -दीप कुमार, ईओ नगर पालिका