Budaun News: करोड़ों फूंके पर गड्ढे नहीं भर पाए…वाहन खा रहे हिचकोले
बदायूं। शहर में विकास कार्यों के नाम पर जो भी सड़कें डाली गईं या फिर मरम्मत कार्य हुए उसमें मुख्य मार्गों को छोड़ दें तो बाकी सड़कों पर 23.35 करोड़ रुपये फूंक दिए गए, लेकिन सड़कों की हालत नहीं सुधर पाई। अब निकाय चुनाव आने पर जनता भी इसका हिसाब मांग रही है। वजह है कि नगर पालिका ने जो विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाई हैं, उनमें शामिल सड़कें कुछ ही समय में जर्जर हो चुकी हैं।
नगर पालिका प्रशासन ने वर्ष 2017 से 2022 तक शहर में विकास कार्यों के नाम पर प्रमुख सड़कों को छोड़कर गली, मुहल्लों, बाजारों की सड़कों में इंटरलॉकिंग, सीसी, गड्ढा भरने के नाम पर अलग-अलग मदों से करोड़ों रुपये खर्च किए। दावा किया गया कि शहर की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है, लेकिन सड़कों की स्थिति पहले जैसी ही है। मौजूदा समय में भी लोग ठोकरें खा रहे हैं। निर्माण कार्यों के नाम पर छोटी-छोटी सड़कें और गलियों में कार्य कराया गया, लेकिन निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहतर न होने की वजह से सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगीं। मगर, नगर पालिका प्रशासन के रिकार्ड में सभी सड़कें बेहतर स्थिति में हैं।
वित्तीय वर्ष 2018-19 के बाद 15वें वित्त आयोग से भी तमाम सड़कों की मरम्मत और नई गलियों के निर्माण रिकार्ड में दिखाए गए हैं, लेकिन हालात वहां पहले ही जैसे हैं। अब चुनाव शुरू हुए हैं तो शहर के विकास पर हर कोई खुलकर बोल रहा है। सभी अपनी-अपनी राय पेश कर रहे हैं। शहर में विकास के दावे और जमीनी हकीकत चुनावी मुद्दा बन चुके हैं।
मिट्टी भराई और इंटरलॉकिंग के टेंडर अलग-अलग
नगर पालिका प्रशासन ने पिछले पांच साल में विकास कार्यों के नाम पर जो खेल किए हैं, वह भी चौंकाने वाले हैं। एक ही कार्य का टेंडर भी दो-दो संस्थाओं को दिया गया। नेकपुर में तारा देवी के घर से गली के निर्माण में मिट्टी का भराव कार्य दूसरी फर्म से दिखाया गया तो वहां गली का निर्माण दूसरी फर्म से दिखाया गया है। कुछ अन्य मामले भी ऐसे ही सामने आ रहे हैं।
हमें नहीं दिखा कहां हुआ विकास
– शहर में विकास कार्यों के नाम पर जो उपलब्धि पालिका प्रशासन ने गिनाई हैं उन क्षेत्रों के लोग मौजूदा समय में ठोकरें खा रहे हैं। अब चुनाव में फिर से वादों की झड़ी लग रही है, लेकिन शहर में जो विकास कार्य गिनाए गए हैं, उनकी हकीकत सभी के सामने है। – जय प्रकाश
-शहर में विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ दिखावा किया गया है। कोई सड़क ऐसी नहीं है जहां पर गड्ढे न हों। गलियों की हालत भी पहले से ज्यादा खराब है। पिछले पांच साल की जो भी उपलब्धि गिनाई गई हैं उनकी स्थिति देखकर खुद ही विकास कार्यों के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। – प्रदीप धींगड़ा



