Budaun News: लापरवाही… संचारी रोग नियत्रंण में 54 रैंक नीचे गिरा जिला

लक्ष्मीपुर में गंदगी व जलभराव। संवाद
बदायूं। जिम्मेदारों की लापरवाही से संचारी रोग नियंत्रण में जिला फिसड्डी साबित हो रहा है। रैंक के हिसाब से जिले का ग्राफ 21 से गिरकर 75 पर आ जाने से अफसरों के हाथ-पांव फूल गए हैं। दरअसल, संचारी रोग नियंत्रण के लिए अभियान तो हर साल चलाए जाते हैं लेकिन उनका क्रियान्वयन होता कहीं दिखाई नहीं देता।
इस बार भी अभियान की शुरुआत तो जोर शोर से की गई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। बाद में अभियान भी ठंडा पड़ गया। डेंगू और मलेरिया की भयावह स्थिति भी अभियान की हकीकत बयां कर रही है। डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ने के कारण जिले का ग्राफ 54 रैैंक नीचे आ गया है। इसे देखकर जिम्मेदारों में खलबली है। हालांकि इसका कारण वे सूचना अपडेट न होना बता रहे हैं।
संचारी रोग नियंत्रण की रैंक जिले भर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए कामों के आधार पर शासन से तय की जाती है। 14 अक्तूबर को जो रैंक आई, उसमें शासन से निर्धारित मानकों स्वास्थ्य विभाग कुछ हद तक पूरा करने में सफल रहा। लिहाजा जिले को 21वीं रैंक मिली, लेकिन अब जिले को 75वीं रैंक मिली है। इससे माना जा रहा है कि अभियान को लेकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से विमुख रहे।
इस दौरान डेंगू व मलेरिया के मरीज भी बड़े पैमाने पर सामने आए। विभाग की लापरवाही व सुस्त कार्यप्रणाली के चलते गांवों में गंदगी के ढेर लगे हैं। जलभराव देखने को मिल रहा है। इस कारण जिले को 75वीं रैंक दी गई है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि पोर्टल पर सूचना अपडेट न होने की वजह से रैंक गिरी है। देर शाम को ही सूचना अपडेट कर दी गई है। अब आने वाली रैंक में जिले की रैंक सुधर जाएगी। टीमें लगातार संचारी रोग नियंत्रण पर काम कर रही हैं।
गंदगी बन रही बीमारी की वजह
दरअसल, देहात क्षेत्रों में फैली गंदगी ही बीमारियों का प्रमुख कारण बन रही हैं। गंदगी, जलभराव और कीचड़ के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं, जो डेंगू और मलेरिया के फैलाव का कारण बन रहे हैं। आसफपुर के लक्ष्मीपुर, कुंवरगांव के दुगरैया समेत बिसौली, दातागंज, उसहैत आदि क्षेत्रों के तमाम गांवों में गदंगी से बुरा हाल है, लेकिन जिम्मेदार इस तरफ से आंखें मूंदे हैं।