Budaun News: कटान नियंत्रण के लिए डीएम ने मांगा बजट
बदायूं। डीएम मनोज कुमार ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव से बाढ़ के मद्देनजर कटान निरोधक कार्य कराये जाने के लिए बजट आवंटन कराने की मांग की है।
डीएम ने पत्र के माध्यम से प्रमुख सचिव को अवगत कराया है कि इस वर्ष माह सात जुलाई से पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी में भयंकर बाढ़ का प्रकोप शुरू हो गया था। 28 जुलाई को 21 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी जनपद बाढ़ की चपेट में हैं। गंगा नदी का कछला ब्रिज पर उच्चतम जलस्तर 162.79 मीटर इस बार 20 जुलाई को पार कर 162.91 मीटर तक पहुंच गया था। तटबंधों के अंद बसे ग्राम एवं जहां तटबंध निर्मित नहीं है, वहां ग्रामों को क्षति हुई है।
श्ऐसे में निर्मित तटबंधों में गंगा महावा एवं उसहैत तटबंध की सुरक्षा हेतु परियोजनाएं स्वीकृत कर दी जायें तथा तटबंध को सुदृढ कराया जाये। गंगा महावा तटबंध के अन्दर बसे ग्राम वीरसहाय नगला, तौफी नगला, तेली नगला, कोतल नगला इत्यादि ग्राम काफी प्रभावित हुए हैं। इनमें वीर सहाय नगला, तौफी नगला काफी क्षतिग्रस्त हो गये हैं। उसहैत तटबंध पर बेहटी एवं कमलू नगला अत्यन्त क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इन ग्रामों के क्षतिग्रस्त होने के बाद नदी का सीधा दबाव तटबंधों की ओर अग्रसर हो रहा है, इन स्थलों पर परियोजनाएं स्वीकृत कर तटबंधों का सुदृढ़ीकरण कराकर जनधन को सुरक्षित किया जाना अपरिहार्य हो गया है। डीएम ने कहा है कि इसके दृष्टिगत कटान निरोधक कार्य कराये जाने हेतु बजट आवंटन कराने किया जाए।
ऐसे में निर्मित तटबंधों में गंगा महावा एवं उसहैत तटबंध की सुरक्षा के लिए परियोजनाएं स्वीकृत कर दी जाए तथा तटबंध को सुदृढ़ कराया जाए। गंगा महावा तटबंध के अंदर बसे ग्राम वीरसहाय नगला, तौफी नगला, तेली नगला, कोतल नगला इत्यादि ग्राम काफी प्रभावित हुए हैं। इनमें वीर सहाय नगला, तौफी नगला काफी क्षतिग्रस्त हो गये हैं। उसहैत तटबंध पर बेहटी एवं कमलू नगला अधिक क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इन ग्रामों के क्षतिग्रस्त होने के बाद नदी का सीधा दबाव तटबंधों की ओर अग्रसर हो रहा है, इन स्थलों पर परियोजनाएं स्वीकृत कर तटबंधों का सुदृढ़ीकरण कराकर जनधन को सुरक्षित किया जाना अपरिहार्य हो गया है। डीएम ने कहा है कि इसके दृष्टिगत कटान निरोधक कार्य कराये जाने के लिए बजट आवंटन कराने किया जाए।