Budaun News: मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों ने मानसिक रूप से बीमार को पीटा

मेडिकल कॉलेज में घायल युवक। संवाद
– स्टाफ नर्स ने पहले मार दिया था थप्पड़, बाद में बीमार युवक ने कर दी थी गाली गलौज
– शनिवार को दवा लेने राजकीय मेडिकल कॉलेज आया था युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में शनिवार को स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों ने घेरकर एक मानसिक रूप से बीमार युवक को खूब पीटा और उसे उठाकर बाहर फेंक दिया। युवक ने शेखूपुर चौकी पुलिस काे तहरीर दी है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव कटैय्या केसर निवासी सत्यवीर मानसिक रूप से बीमार है। वह शनिवार सुबह अकेले दवा लेने को घर से निकला था। सबसे पहले वह जिला अस्पताल पहुंचा था लेकिन तब तक अस्पताल बंद हो चुका था। इसके बाद वह अस्पताल की इमरजेंसी गया। यहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उसने मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनवाकर डॉक्टर से दवा लिखवाई। बताते हैं कि युवक पर्चा लेकर दवा लेने पहुंचा। तब तक यहां दवा वितरण केंद्र भी बंद हो गया था। दो-तीन घंटे तक युवक ऐसे ही भटकता रहा। शाम के समय किसी ने उसे बताया कि वह इमरजेंसी चला जाए, वहां दवा मिल जाएगी। इसके बाद युवक कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचा। सत्यवीर और उसके परिवार वालों के मुताबिक इमरजेंसी में तैनात एक स्टाफ नर्स से युवक ने दवा मांगी थी लेकिन उसने भी दवा देने से मना कर दिया। युवक ने अपनी पीढ़ा बताते हुए डॉक्टर को बुलाने को कहा था। इसी बात पर उसकी स्टाफ नर्स से नोकझोंक हो गई। तभी स्टाफ नर्स ने उसको थप्पड़ मार दिया, जिससे गुस्साये युवक ने उसके साथ गालीगलौज कर दी। यह सुनकर कई स्टाफ नर्स और कर्मचारी आ गए। उन्होंने युवक के साथ जमकर मारपीट की। उसे पीटते हुए बाहर ले गए और उसे इमरजेंसी के बाहर फेंक दिया। उस दौरान मौजूद तमाम लोगों ने युवक से नंबर लेकर उसके परिवार वालों को बुला लिया। कुछ देर बाद युवक की पत्नी और बहनोई मौके पर पहुंच गए। उन्होंने यूपी 112 पुलिस को कॉल करके बुला लिया। काफी देर तक पुलिस मामले की छानबीन करती रही। बाद में उन्होंने शेखूपुर पुलिस चौकी पहुंचकर घटना के संबंध में तहरीर दी। फिलहाल युवक को मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती करा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
– इस घटना की सूचना मिली है। स्टाफ ने बताया कि युवक अपनी पत्नी से ही मारपीट कर रहा था। इससे पुलिस को बुलाना पड़ा। कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इसके बारे में जानकारी नहीं है।- डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज