Budaun News: अव्यवस्थाओं से जूझी आस्था… कार्तिक पूर्णिमा पर मेला ककोड़ा में पांच लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद
बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में सोमवार को धर्म और संस्कृति का अनूठा संगम दिखाई दिया। कार्तिक पूर्णिमा पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर शाम तक करीब पांच लाख लोगों ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ पतित पावनी में डुबकी लगाई। आधी रात से ही लोगों का मेले में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दिन भर चलता रहा।
लोगों ने गंगा स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया। फिर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य कर परिवार की कुशलता की कामना की। जिला पंचायत प्रशासन के व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दावे भीड़ के आगे ध्वस्त हो गए। श्रद्धालुओं को कई जगह जाम से जूझना पड़ा। घाटों पर साफ-सफाई का इंतजाम भी नहीं दिखा।
मेला 20 नवंबर से शुरू हो गया था, जो चार दिसंबर तक चलेगा। मेले में पांच दिनों से चल रहा श्रद्धालुओं के आने का दौर सोमवार को भी दिनभर जारी रहा। आधुनिकता के रंग में रंगते जा रहे मेले में पुरानी परंपराएं भी देखने को मिलीं। बाइक, कार, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अलावा लोग सोमवार को बैलगाड़ियों से भी मेले में पहुंचे। स्काउट-गाडइ कैंप में खोए हुए बच्चों को मिलने का काम किया गया। करीब 70 खोये बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया गया।
सरकारी विभागों के स्टॉलों से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रशासन के अनुसार इस बार करीब पांच लाख लोगाें ने गंगा में स्नान किया। श्रद्धालुओं की यह संख्या अनुमान से बहुत ज्यादा है। मेले में तीन घाट होने की वजह से लोगों को स्नान करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। सांस्कृतिक पंडाल में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गंगा में नाव से पुलिस निगरानी करती रही। घाट पर जहां जल ज्यादा था वहां जाने से लोगों को पुलिस रोकती रही।
तंबुओं में बड़े पैमाने पर हुआ जुआ
मेला ककोड़ा जुए के लिए भी चर्चाओं में रहता है। पुलिस हर साल जुआ न होने देने के दावे करती है, लेकिन तंबुओं के शहर में कई राज्यों से आए बड़े जुआरी इस बार भी अपने मकसद में कामयाब रहे। मेले में तमाम जुआरियों ने पहले से ही अपने तंबू लगा लिए थे। जहां पर बाहर परिवार के लोग बैठकर मेले का आनंद लेते रहे, वहीं अंदर तंबुओं में करोड़ों रुपये का जुआ आराम से होता रहा।
मीना बाजार में जमकर हुई खरीदारी, झूलों पर रही भीड़
मेला ककोड़ा में युवतियों और महिलाओं के लिए अलग से मीना बाजार लगाया जाता है। इसमें महिलाओं, युवतियों के लिए सौंदर्य प्रसाधन, शृंगार और बच्चों के लिए खिलौने मिलते हैं। सोमवार को मीना बाजार में महिलाओं की काफी भीड़ रही। हालात यह थी कि वहां पैर रखने तक के लिए जगह नहीं मिल पा रही थी। महिलाओं के साथ-साथ बच्चों ने भी जमकर खरीदारी की। बच्चों ने झूला झूले तो युवाओं ने सर्कस, मौत का कुआं देखना पसंद किया।। इसके अलावा लाेगों ने चाट-पकौड़ी का भी मेले में लुत्फ उठाया। भंडारोंं में लोगाें ने प्रसाद ग्रहण किया।
गंगा मइया को धोती पहनाई
मेला ककोड़ा में लोग मनौतियां भी मानते हैं। इनके पूरा होने पर गंगा मइया को वस्त्र-आभूषण भेंट करते हैं। गंगा मइया के प्रति आस्था रखने वाले लोगों ने अपने-अपने तरीके से पूजा-अर्चना की। मनौती पूरी होने पर तमाम भक्तों ने गंगा मइया को धोती पहनाई। गंगा महासभा के तत्वावधान में शाम सात बजे गंगा महाआरती की गई। इसमें विद्वानों ने मंत्रोच्चार के साथ आरती कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भक्तों ने आरती में शामिल होकर पुण्य कमाया। इस दौरान गंगा महासभा के अध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक, धीरज सक्सेना आदि मौजूद रहे।
ढोलक, बक्सों की जमकर हुई खरीदारी
गंगा की कटरी में लगने वाला यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी कहा जाता है। मेले में लोगों ने लकड़ी से बना सामान खूब खरीदा। ढोलक, बक्सों की खूब बिक्री हुई। इसके साथ ही मेले में दूध, जलेबी और खजला की दुकानों पर जमकर भीड़ देखी गई। मुराद पूरी होने पर तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर भगत बजवाने की परंपरा निभाई। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने बच्चों के साथ नौका विहार का लुत्फ उठाया। तमाम लोगों ने नदी के उस पार जाकर स्नान किया। बच्चों ने क्रिकेट भी खेला। इसके अलावा युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों ने पतंगबाजी का आनंद लिया।
मेला मुख्य मार्ग पर लगा लंबा जाम
मेले में जाने वाले लोगों को इस बार खासी दिक्कतों और अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। कादरचौक कोतवाली के पास सुबह लंबा जाम लग गया। लोग बमुश्किल जाम से निकलकर मेले की ओर बढ़े। मेले के मुख्य रोड पर पहुंचने पर लोगों को फिर से जाम से जूझना पड़ा। इसकी वजह से श्रद्धालुओं खासतौर से महिलाओं और बच्चों को परेशानी हुई। हालांकि दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई।
अटैना घाट पर भी किया गंगा स्नान
उसहैत। सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा देव दीपावली के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अटैना गंगाघाट पर गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की आरती कर मन्नत मांगी। अटैना घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने उसहैत नगर में श्री बाबा कालसेन महाराज मंदिर पर प्रसाद चढ़ाया। भुंडी घाट व सरेली घाट पर भी स्नान करने वालो की भीड़ रही। घाटों पर पुलिस बल मौजूद रहा।
मोबाइल नेटवर्क रहा ठप
मेले में इस बार मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से ठप रहा। इससे लोग अपने परिचितों को तलाशने के लिए परेशान रहे। वे दिनभर कॉल करते रहे, लेकिन किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं कर रहा था। ऐसे में लोगों के फोन डिब्बा बनकर रह गए। फोन से लोग केवल फोटोग्राफी ही करते रहे। घर बैठे परिजनों ने जब मेले का हाल जानने के लिए वीडियो कॉल करनी चाही तो वह भी नहीं हो पाई। इससे एक तरफ जहां अधिकांश लोग परेशान रहे, वहीं कुछ लोग इससे सुकून में भी नजर आए। बुजुर्ग तो यह तक कहते सुने गए कि सही रहा कि यहां मोबाइल फोन काम नहीं कर रहा।
दो श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया
मेले में इस बार गोताखोर और पुलिस खासी सक्रिय रही। यही वजह रही कि इस बार लोग गहरे पानी की ओर नहीं जा पाए और किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हुई। हालांकि दातागंज निवासी शिवम और बमनौसी निवासी रामबाबू जरूर पुलिस की नजर बचाकर गहरे पानी में चले गए, लेकिन जब तक कोई अनहोनी होती, तब तक वहां मौजूद गोताखोरों ने उन्हें बचा लिया।

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद

मेला ककोड़ा में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओ की भीड़। संवाद


