Budaun News: मोहन नगला में आग से छह घर जले, मां-बेटी झुलसीं

कादरचौक के गांव मोहन नगला में भूसे के ढेर में लगी आग बुझाते लोग। संवाद
– शनिवार शाम अचानक मैकूलाल के घर में लगी आग
– घर में फंसी बकरियों को निकालने में लगी थीं मां-बेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
कादरचौक (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव मोहन नगला में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। शाम के समय अचानक एक घर में आग लग गई। जब तक ग्रामीण आग बुझा पाते, तब तक आग ने पांच और घरों को चपेट में ले लिया, जिससे उन घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। तो वहीं बकरियों को बचाने में मां-बेटी झुलस गईं। उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
हादसा शनिवार शाम करीब चार बजे हुआ। उस दौरान अचानक मोहन नगला निवासी मैकूलाल के घर में आग लग गई। ग्रामीणों के मुताबिक मैकूलाल के परिवार वाले अपने अपने कार्यों में व्यस्त थे। जब तक वह समझ पाते, तब तक आग पूरी तरह घर में फैल गई। उनकी पत्नी हरप्यारी (50) और बेटी गिरिजा (20) घर में मौजूद थीं। घर में आग देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत घर में बंधी बकरियों को खोलना शुरू कर दिया। बकरियां बचाने के चक्कर में दोनों मां-बेटी आग की चपेट में आकर झुलस गई। तब तक गांव में शोर मच गया। ग्रामीण बाल्टियां ले लेकर आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। वह आग बुझा नहीं पाए थे कि मैकूलाल के घर से नजदीक में तुलसी राम, वासुदेव, भोलाराम, निरोत्तम और सोहनपाल के घरों में भी आग गई। इससे पूरे गांव में कोहराम मच गया। कुछ लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके कुछ देर बाद एक बड़ी गाड़ी गांव पहुंच गई लेकिन यह पानी की गाड़ी गांव की पतली गली में नहीं गुजर सकी। इससे फायर ब्रिगेड ने दूसरी छोटी गाड़ी मंगाई। तब कहीं गांव में जाकर आग बुझाने का काम शुरू हुआ। बताते हैं कि आग बुझाने का कार्य शाम करीब सात बजे तक चलता। तब तक घराें में लगी आग बुझा ली गई। भूसे के ढेरों में लगी आग देर शाम तक बुझाई जाती रही। इस हादसे में ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि उनके घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और रजाई गद्दे समेत सारा सामान जल गया। इसकी सूचना पर एसओ वेदपाल सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने भी आग बुझाने में मदद की। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को भी सूचना दे दी है लेकिन देर शाम तक राजस्व विभाग से कोई नहीं पहुंच सका।

कादरचौक के गांव मोहन नगला में भूसे के ढेर में लगी आग बुझाते लोग। संवाद