Budaun News: जिला अस्पताल में आई फ्लू के मरीज बढ़े

जिला अस्पताल में आखों की जांच करते डॉक्टर। संवाद
रोजाना पहुंच रहे हैं 100 से अधिक मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। शहर और ग्रामीण इलाकों में आई फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज आंखों के डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। हालत ये है कि रोजाना 100 से 150 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जिले में आई फ्लू तेजी से पैर पसार रहा है। बारिश के बाद ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में सोमवार को 160, मंगलवार को 120, बुधवार को 220, बृहस्पतिवार को 120 आई फ्लू के मरीज पहुंचे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष मोहन अग्रवाल ने बताया कि आई फ्लू संक्रमित लोगों की तादाद बढ़ने से बढ़ा है।
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आई फ्लू के लक्षण
आई फ्लू आंखों का संक्रमण है। वैसे आमतौर पर इसे ‘आंखों का आना’ कहते हैं। आंखों में यह संक्रमण, कंजंक्टिवा की सूजन का कारण फैलता है। कंजंक्टिवा क्लियर लेयर होती है, जो आंख के सफेद भाग और पलकों की आंतरिक परत को कवर करती है। इसमें आंखों के सफेद हिस्से में संक्रमण फैल जाता है। जिससे मरीज को देखने में काफी दिक्कत होती है।
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ऐसे फैलता है आई फ्लू
संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसके होने पर आंखों में परेशानी होने लगती है। अगर एक आंख में कंजंक्टिवाइटिस है, उसे हाथ से छूने के बाद उसी हाथ से दूसरी आंख छू ली जाए, तो ये उसमें भी यह हो जाता है। अगर उसी हाथ से आपने दूसरे व्यक्ति को छू लिया, तो उसमें भी इसके होने की आशंका बढ़ जाती है।
इन बातों का रखें ख्याल
-आंखों को गंदे हाथों से न छुएं।
-बच्चों को बार-बार आंखों को मलने व छूने से रोकें।
-आस-पास किसी को आई फ्लू की आशंका लगे तो आंखों को साफ पानी से धोएं और ठंडे पानी से सिकाई करें।
-अगर किसी को घर में आई फ्लू की दवा डालते हैं तो उसके बाद अपने हाथों को साबुन से धोएं।
-आंखों में लाली, जलन व खुजली होने पर चिकित्सक की सलाह लें, खुद दवा न डालें।
-बरसात में बच्चों को पानी से भरे गड्ढों व पोखरों से दूर रखें, क्योंकि अधिकतर इन्हीं स्थानों से बैक्टीरिया पनपते हैं।
-ताजा खाना खाएं और साफ पानी ही पीयें।
-बाहर से आने पर हमेशा हाथ साबुन से धोएं।