Budaun News: गोआश्रय स्थल के संचालकों के खातों में सीधे आएगी धनराशि
समय से मिलेगा पैसा, अब नहीं चल सकेगी घपलेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। गोवंश के चारे के लिए दी जाने वाली धनराशि में अब गोलमाल नहीं चलेगा, क्योंकि धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे गोआश्रय स्थल के संचालक के खाते में आएगी। इसके लिए पहले चरण में जिले के 74 गोआश्रय स्थल चुने गए हैं।
शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में तमाम गोआश्रय बनाए गए ताकि उनमें छुट्टा पशुओं को संरक्षित किया जा सके। इस समय जिले में 237 गोआश्रय स्थल हैं। जिनमें करीब 21 हजार गोवंश संरक्षित है। इन स्थलों के संचालन के लिए शासन धनराशि मुहैया कराता है, लेकिन इन धनराशि को संचालकों के पास तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। कई बार तो राशि पहुंचती ही नहीं है, इसका गोलमाल कर लिया जाता है।
ऐसे में आश्रयस्थल संचालित करने वालों को काफी दिक्कत होती है। इसको लेकर शिकायतें भी होती रहीं हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि डीबीटी के माध्यम से लखनऊ से सीधे गोआश्रय स्थलों के संचालकों के खातों में समय से धनराशि भेजी जाएगी।
जिले में हैं 237 गोआश्रय स्थल
जिले में दो कान्हा गोआश्रय स्थल, तीन काजी हाउस, पांच नगरीय क्षेत्र में स्थित गोआश्रय स्थल हैं। इसके अलावा 227 अस्थायी गोआश्रय स्थल भी संचालित है। जिनमें करीब 21,000 गोवंश संरक्षित हैं।
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शासन ने सभी गोआश्रय स्थल को दी जाने वाली धनराशि को ऑनलाइन जारी करने का निर्णय किया है। पहले चरण में जिले के 74 गोआश्रय स्थल को डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जाएगी।
-एनसी मलिक, सीवीओ