Budaun News: 75 लाख से खरीदे गए कूड़ा वाहन साल भर में ही हो गए कूड़ा

वाटर वर्क्स में खड़ा-खड़ा खराब हो रहा कांपैक्टर।
बदायूं। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका ने करीब एक साल पहले तीन रिफ्यूज कांपैक्टर (कूड़ा उठाने वाले वाहन) खरीदे थे। इनका इस्तेमाल कूड़ा एकत्र कर डलावघर तक पहुंचाना था, लेकिन आज तक इनका उपयोग नहीं हो रहा है। ये वाहन खड़े-खड़े ही कबाड़ होने लगे हैं।
नगर पालिका के पास शहर के गली-मोहल्लों से कूड़ा उठाकर उसे निस्तारण केंद्र तक पहुंचाने के लिए वाहनों की लंबी कतार है। इसके बाद भी शहर के विभिन्न इलाकों में रोजाना कूड़ा गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। इससे रास्तों पर गंदगी नजर आती है और लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए खरीदे गए वाहन नगर पालिका की अनदेखी के चलते खड़े-खड़े कबाड़ हो रहे हैं। कोई इनकी सुध लेने वाला नहीं है।
इनमें कुछ वाहन तो ऐसे हैं जो खरीदने के बाद एक दिन भी उपयोग में नहीं लाए गए हैं। एक साल पहले खरीदे गए 75 लाख के रिफ्यूज कांपैक्टर भी वाटर वर्क्स खड़े धूल फांक रहे हैं। उपयोग न होने से ये कबाड़ होते जा रहे हैं। ये वाहन खुद ही कूड़ेदान को मशीन के माध्यम से उठाकर कूड़े को वाहन में डाल लेते हैं। इससे कूड़ा इधर-उधर नहीं फैलता है और समय की भी बजत होती है।
वाहनों के आसपास उग आई है घास
करीब 75 लाख रुपये की लागत से ये तीन वाहन खरीदे गए थे। इनमें से एक वाहन पंडित दीनदयाल पार्क के मुख्य गेट पर करीब एक साल से खड़ा है। इसकी वजह से पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। साथ ही दो वाहन वाटर वर्क्स के अंदर खड़े हैं। उनके आसपास घास उग आई है।
56 टन कूड़ा निकलता है प्रतिदिन
शहरवासियों की तरफ से प्रतिदिन घर, दुकानों की साफ-सफाई की जाती है और कूड़ा सड़कों और कूड़ेदानों में फेंक दिया जाता है। इसे रोजाना उठाने का जिम्मा नगर पालिका परिषद का है। पालिका प्रशासन के अनुसार शहर से रोजाना करीब 56 टन कूडा निकलता है। इसे वाहनों के जरिये डलावघर में फेंका जाता है।
उपलब्ध संसाधन
-स्थायी कर्मचारी-219
-संविदा-40
-बैकलाॅग -42
-दैनिक वेतनभोगी-16
-चेन एक्टिवयर-01
-जेसीबी-02
-ट्रैक्टर-ट्रॉली-18
-मिनी टिपर-18
-रिफ्यूज कांपैक्टर-03
वर्जन
जो वाहन खड़े हैं, उनको जल्द ही काम में लिया जाएगा, ताकि सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। -फात्मा रजा, पालिकाध्यक्ष बदायूं