Budaun News: पीएम आवास की रकम पानी है तो सर्वेयर और दलाल को खुश कर लीजिए
उझानी/कछला। प्रधानमंत्री आवास योजना में दलालों के हस्तक्षेप का मामला सामने आने के बाद अब सर्वेयर की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बिना सर्वेयर के कोई भी दलाल किसी को भी योजना लाभ नहीं पहुंचा सकता। दलाल खुश तो समझो, योजना से जुड़ी तीनों किश्तें लाभार्थी के खाते में अवमुक्त होने में देर नहीं लगती।
गरीब और जरूरतमंदों को आवास मुहैया कराने के लिए चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में दलालों की भूमिका की शुक्रवार को कछला निवासी धनकिशोर ने पोल खोल दी थी। बकौल धनकिशोर, खुद को पात्र साबित करने के लिए उन्हें दलाल से संपर्क करना पड़ा था। अंतिम किस्त अवमुक्त होने पर धनकिशोर ने दलाल को पांच हजार रुपये नहीं दिए तो उसने मारपीट की। धनकिशोर ही नहीं, बल्कि कछला के पात्रों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें आवास योजना की रकम के लिए दलाल के जरिये सर्वेयर को भी खुश करना पड़ा।
धनकिशोर की तरह की कछला निवासी सुशीला पत्नी चीकू पंडित, प्रकाश और रामू भी धनराशि अवमुक्त होने से पहले दलालों की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं। इसके विपरीत उझानी में पीएम आवास योजना के तहत चयनित करीब 1300 लोगों में से एक हजार से अधिक लाभार्थियों के खाते में तीनों किस्तें अवमुक्त हो चुकी हैं।
लाभार्थियों में कई ऐसे भी हैं, जिनके पक्के दो मंजिला मकान हैं। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद भी उन्हें पात्र घोषित कर दिया गया है। पिछले साल शिकायतें भी सामने आईं, लेकिन सर्वेयरों की रिपोर्ट को ही सही मानकर हकीकत पर गौर नहीं किया गया। जानकार बताते हैं कि लाभार्थियों की जांच हो तो कई सर्वेयर और दलालों की पोल खुल सकती है।
बिसौली और दातागंज में भी अपात्रों को मिला लाभ
बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव ललुआनगला और दातागंज के गांव बक्सेना में पीएम आवास योजना के तहत अपात्रों के नाम सूची में शामिल किए जाने का मामला सामने आया था। विभागीय स्तर से जांच भी कराई गई थी। कादरचौक क्षेत्र में भी अपात्रों को लेकर जांच चल रही है। बताते हैं कि दलालों के जरिये ही कई लोगों को योजना का लाभ पहुंचाया गया है। अफसर भी काफी हद तक इस हकीकत से वाकिफ हैं।