बदायूं

Budaun News: सड़कों पर फेंकी गंदगी… तो जेब करनी होगी ढीली

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If you throw dirt on the streets... then you will have to pay a heavy burden.

चूना मंडी में एक दुकान के सामने पड़ा कूड़ा। संवाद

बदायूं। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा फेंकने वाले प्रतिष्ठानों पर नगर पालिका परिषद ने अब सख्ती करने का मन बनाया है। होटल, रेस्टोरेंट, मैरिजलोन, अस्पताल, रिहायशी भवन आदि को कार्रवाई की जद लाया जाएगा। गंदगी फेंकने पर 100 से 1000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए नगर पालिका ने बाकायदा रेट लिस्ट जारी की है। इसके तहत रिहायशी भवन के रहने वाले, दुकानदारों, हलवाई, चाट-पकौड़ी, फास्ट फू, आइसक्रीम, जूस, सब्जी समेत अन्य ठेला व्यवसायियों से 100-100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली से बजरी, कचरा, मलबा, निर्माण सामग्री, पत्थर सरकारी भूमि पर डालने पर 1000 रुपये अर्थदंड वसूला जाएगा।

दुकानदार, सड़क पर बैठक स्कूटर, साइकिल, बाइक की रिपेयरिंग कर ऑयल, मिट्टी, पानी फैलाकर गंदगी करने पर भी 1000 रुपये, घरों का पानी सड़क पर करने, शादी-विवाह स्थालों के बाहर कचरा डालने पर 5000 रुपये और औद्योगिक प्रतिष्ठान का कचरा डालने पर 10,000 रुपये का जुर्माना प्रतिदिन वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी, एक्स-रे आदि से गंदगी फैलने पर 2000 देने होंगे।

बायोमेडिकल वेस्ट मिलने पर 10,000 का जुर्माना

नगर पालिका क्षेत्र में स्थित नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी, एक्स-रे आदि से बायोमेडिकल वेस्ट फैलाने पर 10,000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं आम रास्ता, सड़क, फुटपाथ, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर भोजनालय, ढाबा चलाने वालों पर 1000 रुपये जुर्माना देने होगा।

डोर टू डाेर कूड़ा उठाएगी पालिका, दरें तय कीं

स्वच्छ भारत मिशन नगरीय के तहत नगर पालिका डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को शुरू कर रहा है। इसके तहत 300 वर्ग मीटर तक में बने घर से 50 रुपये, इससे अधिक में बने में 100 रुपये, व्यवसायिक जैसे ढाबा, मिठाई की दुकान, चाय की दुकान से 200, होटल से 400, गेस्ट हाउस से लेकर सरकारी, व्यावसायिक कार्यालय, बैंक, बीमा, कोचिंग क्लासेस से 500 रुपये लिए जाएंगे। साथ ही प्रति दिन कूड़ा उठाया जाएगा।

वर्जन
पालिका क्षेत्र में अगर कोई कूड़ा-कचरा फैलता है, तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। चाहे वह आम नागरिक हो, या फिर कोई बड़ा कारोबारी ही क्याें न हो। इसको लेकर रेट का निर्धारण किया गया है। अगर किसी को इस पर आपत्ति है, तो वह 15 दिन में पालिका में प्रार्थना पत्र दे सकता है। उसके बाद में कोई विचार नहीं किया जाएगा। -फात्मा रजा, पालिकाध्यक्ष


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