बदायूं

Budaun News: बिना मानक शहर में चल रहे अवैध स्वीमिंग पूल

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Illegal swimming pool running in city without standard

शहर में स्थित स्विमिंग पूल में नहाते लोग। संवाद

– कुछ के पास पुलिस और फायर की एनओसी के अलावा कुछ भी नहीं

– एनओसी लेने वालों ने भी जमा नहीं की है क्रीड़ा विभाग में फीस

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। गर्मी आते ही शहर में करीब एक दर्जन स्विमिंग पूल सक्रिय हो गए हैं। यहां न मानक पूरे हैं और न ही नियमों का ही पालन हो रहा है। जिन स्विमिंग पूल संचालकों ने एनओसी ली भी है, उन्होंने क्रीड़ा विभाग में निर्धारित फीस जमा नहीं की है। यह अवैध तरीके से संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

शहर में ही करीब एक दर्जन स्वीमिंग पूल संचालित किए जा रहे हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी अमित रिछारिया के अनुसार, शासन के आदेश के अनुसार, प्रत्येक स्विमिंग पूल संचालक को प्रत्येक साल पूल संचालन से पहले सरकार के खाते में फीस जमा करनी होती है। उसकी बाकायदा रसीद भी मिलती है। इसके बाद स्विमिंग पूल संचालक को निरीक्षण के लिए समय अवधि दी जाती है। उस बीच में टीम मौके पर जाकर यथास्थिति का जायजा लेती है। ओके की रिपोर्ट आने पर ही पूल का संचालन किया जाता है, लेकिन शहर में अब तक एक भी स्विमिंग पूल संचालक द्वारा शासनादेश के मुताबिक कोई फीस जमा नहीं की गई है। ऐसे में कोई भी स्विमिंग पूल वैध नहीं है।

आगरा में हो चुका है हादसा, फिर भी नहीं चेता कोई

विगत दिनों आगरा के ताजगंज इलाके में स्थित एक वंडर पार्क में स्थित स्वीमिंग पूल में डूबकर एक युवक की मौत हो गई थी। बताते हैं कि यह युवक पूल में गहरे पानी की तरफ चला गया था। वहां मौजूद लोगों ने भी उस पर ध्यान नहीं दिया और डूबकर उसकी मौत हो गई। ऐसे ही शहर में बिना मानकों के चल रहे पूल में भी लोगों की जान को खतरा हो सकता है।

इन जगहों से लेनी होती है एनओसी

स्विमिंग पूल संचालन के लिए मनोरंजन कार्यालय से लेकर फायर ब्रिगेड व पुलिस कार्यालय से एनओसी लेनी होती है। इसके साथ ही जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में शासनादेश के अनुसार निर्धारित फीस को प्रति साल जमा करना होता है। उसके बाद में पूल संचालन की अनुमति मिली है, लेकिन शहर में बिना अनुमति के स्विमिंग पूल का संचालन हो रहा है।कुछ लोग ले देकर पुलिस और फायर की एनओसी तो लेते हैं लेकिन बाकी औपचारिकता किसी की पूरी नहीं होती।

चार स्विमिंग पूल किए जा चुके हैं सील

सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार सिंह ने सीओ सिटी आलोक मिश्रा के साथ शनिवार को अवैध स्विमिंग पूल के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें लौड़ा बहेड़ी में एक, हकीमबाड़ा में एक और ऊपरपारा में दो पूल अवैध रूप से चलते मिले थे, जिन्हें सील कर दिया है।

बिना मानक किया जा रहा है संचालन

– खेल निदेशालय से पूल का संचालन शुरू करने से पूर्व अनुमति लेनी जरूरी है।

– स्विमिंग पूल में आपातकाल स्थिति के लिए दो लाइफ जैकेट का होना जरूरी है।

– स्विमिंग पूल में दो ऑक्सीजन सिलिंडर, दो कृत्रिम सांस यंत्र भी होने चाहिए।

– पूल में फिल्टर प्लांट होना चाहिए, जो प्रत्येक दिन चार घंटे चलाया जाए।

– स्विमिंग पूल चलाने के लिए सबसे पहले स्विमिंग कोच जो राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय खिलाड़ी हो, उसकी जरूरत होती है।

– प्रत्येक स्विमिंग पूल के लिए दो लाइफ गार्ड, जो भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा प्रमाणित हों, उनका होना जरूरी होता है।

शासन के आदेश के अनुसार, प्रत्येक स्विमिंग पूल संचालक को जिला क्रीड़ा विभाग में प्रत्येक साल 15 हजार रुपये सरकार के खाते में जमा करने होते हैं। वह जमा होने के बाद में विभाग द्वारा संबंधित व्यक्ति को रसीद दी जाएगी। उसके बाद ही विभागीय टीम मौके पर जाकर स्विमिंग पूल का निरीक्षण करती है। ओके की रिपोर्ट मिलने के उपरांत ही पूल का संचालन किया जा सकता है, लेकिन अब तक किसी ने भी सरकारी फीस जमा नहीं की है। ऐसे में सभी पूल अवैध हैं।

-अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी

शहर में जो भी अवैध रूप से स्विमिंग पूल संचालित हैं सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोई भी पूल बिना नियम के संचालित नहीं होगा। शनिवार को चार पूल सील कर दिए गए थे। इसके बाद भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

-ब्रजेश कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट बदायूं

शहर में स्थित स्विमिंग पूल में नहाते लोग। संवाद

शहर में स्थित स्विमिंग पूल में नहाते लोग। संवाद


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