Budaun News: मैरी बजर मैरी गांव में खोद दिए गए हैं मौत के तालाब
– गंगा एक्सप्रेस-वे के नाम पर अवैध खनन, अनुमति छह फुट की उठा ली मिट्टी 25 फुट तक
– मछली पालन के लिए किसानों को पट्टे पर मिले थे ये तालाब, ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज (बदायूं)। तहसील क्षेत्र के गांव मैरी बजर मैरी में गंगा एक्सप्रेस-वे के ठेकेदार ने किसानों को मछली पालन के लिए दिए गए तालाबों को मौत का कुआं जैसा बना दिया है। गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण के नाम पर ठेकेदार ने छह फुट की अनुमति पर 20 से 25 फुट तक तालाबों से मिट्टी उठवा ली है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है।
ग्राम प्रधान भोजराज सहित वीरपाल, मुरली, ब्रजपाल, मुकेश कुमार, अवनीश, रामविलास, जगदीश आदि किसानों का कहना है कि उनके गांव में गाटा संख्या एक, दो, तीन, चार, सात, आठ, नौ और 12 तालाब के रूप में दर्ज हैं। जिला प्रशासन की ओर से यह तालाब मछली पालन के लिए पट्टे पर दिए गए थे। इस समय गांव के नजदीक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे के समतलीकरण के लिए तालाबों से लाकर मिट्टी वहां डाली जा रही है।
किसानों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगे ठेकेदार ने सभी तालाबों से 20 से 25 फुट या उससे ज्यादा गहराई तक मिट्टी खुदवा ली है। अंधाधुंध खुदाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब इन तालाबों में रेत नजर आने लगी है। हालात यह हैं कि वहां व्यक्ति तो क्या हाथी भी डूब सकता है। आने वाले बरसात के दिनों में यह क्षेत्रवासियों के लिए मौत का कुआं बन सकते हैं। अब यहां मछली पालन भी संभव नहीं है। ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
किसानों की शिकायत आई है। इस संबंध में गंगा एक्सप्रेस-वे के अधिकारियों को बुलवाया गया है। अनुमति से अधिक खनन नहीं किया जा सकता। जो शिकायत आई है, उसकी जांच लेखपाल को भेजकर कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
– धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज