Budaun News: उझानी में एमएमवाई कनेक्शन फेल.. पूनम का चौथी बार कब्जा बरकरार

उझानी में जीत प्रमाण पत्र लेतीं भाजपा की पूनम अग्रवाल के साथ मौजूद केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा।
– सपा समर्थित रजनीश गुप्ता के ‘एमएमवाई’ कनेक्शन को तोड़ा
– केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा की रणनीति ने अहम भूमिका निभाई
प्रताप यादव
उझानी (बदायूं)। भाजपा के टिकट पर पालिकाध्यक्ष का चुनाव जीतीं पूनम अग्रवाल ने अंतत: इतिहास रच डाला। जीत हैट्रिक लगा चुकीं पूनम ने लगातार चौथी बार पालिका पर कब्जा बरकरार रखा। इसमें हालांकि टीम वर्क अच्छा बताया जा रहा है, लेकिन केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा की रणनीति और पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल के व्यवहार की वजह से सपा समर्थित रजनीश गुप्ता के मुस्लिम, महाजन, यादव (एमएमवाई) का नया कनेक्शन काम नहीं आया।
भाजपा प्रत्याशी पूनम अग्रवाल की सपा समर्थित रजनीश गुप्ता पर 5469 वोट की जीत, इसलिए मायने अधिक रखती है कि चुनाव के दौरान पहली बार महाजन (गुप्ता) को यादव और मुस्लिम (एमएमवाई) के साथ एक प्लेटफार्म पर लाने का जो ताना-बाना बुना गया, असल में वह असरदार साबित नहीं हो पाया। एमएमवाई कनेक्शन से करीब 22 हजार वोट जुड़ा है।
एमवाई तो पहले से ही सपा का बेस वोट है, लेकिन सजातीय होने का लाभ सपा समर्थित प्रत्याशी का जिस तरह से मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पाया। इसके पीछे की वजह को लेकर चुनावी राजनीति के जानकार बताते हैं कि एमएमवाई वोट में सेंध लगाने की रणनीति पर भाजपा की टीम ने केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा की देखरेख में काम किया।
जीत की दूसरी वजह यह भी बताई जा रही है कि पालिका पर कब्जे की हैट्रिक के बाद भी पूनम के प्रति विरोध का माहौल नहीं था। कुछ खामियां जरूर रहीं, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें फ्रंट पर उजागर नहीं होने दिया। इसके विपरीत सपा समर्थित रजनीश गुप्ता को पूरे चुनाव में पार्टी का कोई खास सहयोग नहीं मिला। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी और जिलाध्यक्ष आशीष यादव ही चुनाव प्रचार में दिखे थे।
कछला में देवर-भाभी की लड़ाई में
जगदीश लौनिया ने सीट फिर कब्जाई
कछला नंगर पंचायत अध्यक्ष पद पर रालोद के अनिल यादव को 672 वोट से हराकर निर्वाचित भाजपा के जगदीश लौनिया चौहान ने उनके भाई नरेश यादव से पिछली बार हार का बदला चुकता कर लिया है। नरेश से पहले जगदीश की पत्नी पुष्पा देवी नगर पंचायत अध्यक्ष थीं। नरेश इस बार पत्नी रेखा को कांग्रेस से प्रत्याशी तो उनके छोटे भाई अनिल ने रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा है। जगदीश लौनिया को 1842, अनिल को 1170 और रेखा का 601 वोट मिले हैं। अनिल और रेखा का खेल खराब करने में बसपा के प्रत्याशी अजमेर खां का रोल अहम रहा। कभी नरेश तो कभी अनिल के करीबी रहे अजमेर ने 665 वोट प्राप्त किए हैं। चुनाव तो भाजपा से निष्कासित दिनेश लौनिया और किशनपाल ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी लड़ा लेकिन दोनों ही जगदीश लौनिया की राह में रोड़ा नहीं बन पाए। जगदीश को भाजपा कार्यकर्ताओं का पूरा सहयोग मिला।



