Budaun News: आंगनबाड़ियों के मोबाइल फोन हुए पुराने, साॅफ्टवेयर अपडेट, काम बंद
बदायूं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले मोबाइल फोन अब काफी पुराने हो गए हैं। जिस सॉफ्टवेयर पर वह काम कर रही थीं, वह अपडेट हो गया। ऐसे में पुराने फोन ने उस सॉफ्टवेयर पर काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में ऑनलाइन काम में आंगनबाड़ियों के सामने बाधा उत्पन्न होने लगी है। मजबूरन अपने घरों के फोन से अब उनको काम करना मजबूरी हो गया है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से कुछ साल पहले सभी कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन दिए गए थे, ताकि वह विभागीय काम को ऑनलाइन कर सकें। मोबाइल फोन मिलने के बाद में काम तेजी से शुरू हो गया, लेकिन समय के साथ में सॉफ्टवेयर को बेहतर करने के लिए अपडेट करना शुरू कर दिया, लेकिन अब पुराने फोन में नए सॉफ्टवेयर ने काम करना बंद कर दिया है।
इसकी वजह से ऑनलाइन काम में सभी आंगनबाड़ियों के सामने बाधा उत्पन्न होने लगी है। ऐसे में आंगनबाड़ियों ने अपनों बच्चाें के फोन लेकर काम करना शुरू कर दिया है, पर उन्हें काम करने में काफी दिक्कत आती है। बच्चों के फोन फ्री होने के बाद भी उनको मिल पाता है। ऐसे में कई बार विभाग के अर्जेंट काम आंगनबाड़ियों समय पर ही कर पाती है।
नए मोबाइल के भेजी गई डिमांड
विभाग के अनुसार लखनऊ में मौजूद उच्चधिकारियों को इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया। इसके बाद में उनके निर्देश पर नए मोबाइल फोन मंगाने के लिए डिमांड भेजी है। अधिकारियों के अनुसार 2940 मोबाइल फोन की डिमांड की है। अब कब तक मिल पाएंगे। इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है, हालांकि आंगनबाड़ियों के लिए फोन रिचार्ज के लिए साल में दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
-मोबाइल फोन पुराने हो गए हैं, उसमें तमाम समस्याओं को लेकर शिकायतें आ रही थी। साथ ही विभाग के सॉफ्टवेयर ने भी उस फोन पर काम करना बंद कर दिया था। ऐसे में नए फोन को लेकर लेकर डिमांड भेज दी है। -प्रमोद कुमार सिंह, डीपीओ