Budaun News: मीट कारोबारियों की पांच साल पहले जारी एनओसी पालिका ने कीं निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 14 Oct 2023 12:37 AM IST
बदायूं। कई दिनों से चल रहे मीट विक्रेताओं की दुकानें बंद होने के मामले में शुक्रवार को प्रभारी ईओ/ एसडीएम ने पूर्व में निर्गत की गई सभी एनओसी को निरस्त कर दिया। उन्होंने अभिहित अधिकारी को पत्र भेजकर यह भी कहा कि एनओसी निरस्त होने के बाद उन सभी मीट विक्रेताओं के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाएं जो पुरानी एनओसी पर ही काम कर रहे हैं।
पिछले दिनों शहर की एक दुकान पर काले पशुओं के स्थान पर संरक्षित पशुओं का मांस पकड़ा गया था। यह मांस काले पशुओं के मांस के साथ मिलाकर बेचा जा रहा था, जिस पर पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा था। इसके बाद पुलिस ने भी मांस कारोबारियों पर सख्ती कर दी थी, जिसके बाद शहर का मीट बाजार बंद हो गया था जो अभी तक बंद है। चूंकि इससे नगर पालिका की छवि पर भी सवालिया निशान लग रहे थे, इसलिए मीट विक्रेताओं की एनओसी खंगाली जाने लगी। पता चला कि मीट विक्रेता साल 2017 की एनओसी पर ही खाद्य विभाग से लाइसेंस लेकर अपना धंधा कर रहे थे।
इसे अवैध मानते हुए पिछले दिनों पालिका के कर एवं लाइसेंस अनुभाग के कर्मचारियों ने प्रभारी ईओ/ एसडीएम एसपी वर्मा से पूर्व में जारी की गई सभी एनओसी निरस्त करने की संस्तुति की थी। शुक्रवार को प्रभारी ईओ/ एसडीएम ने सभी एनओसी निरस्त करते हुए अभिहित अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि पांच साल होने के बाद भी मीट विक्रेताओं द्वारा पालिका से बिना कोई एनओसी लिए केवल खाद्य विभाग के लाइसेंस पर कारोबार किया जा रहा है जो नियमानुसार गलत है। ऐसे में पालिका ने उन विक्रेताओं की सूची खाद्य विभाग को दी है जो बिना पालिका की एनओसी के कारोबार कर रहे हैं। बताते हैं कि शुक्रवार को मीट बाजार में पालिका ने अपने ताले भी डलवा दिए। इधर, प्रभारी ईओ/ एसडीएम ने बताया कि इन सभी की पूर्व में जारी एनओसी अब पालिका ने निरस्त कर दी है। ऐसे में यदि अब भी खाद्य विभाग द्वारा लाइसेंस निरस्त नहीं किए जाते हैं तो उसकी जिम्मेदारी खाद्य विभाग की होगी। इसके अलावा भविष्य में भी उनको ही लाइसेंस निर्गत किया जाए, जिनके पास पालिका की एनओसी हो।