Budaun News: रोडवेज बसों के समानांतर डग्गामार बसों का नेटवर्क

रोडवेज बस स्टैंड के नजदीक डग्गामार बस में सवारी भरते हुए। संवाद
बदायूं। उझानी क्षेत्र में लगातार पकड़ी जा रहीं डग्गामार बसों का संचालन गाजियाबाद, बुलंदशहर और कौशांबी से किया जा रहा है। यह गैंग डग्गामार बसों को रोडवेज बसों के रंग में रंगकर यात्रियों से धोखा कर रहा है। टिकट भी पॉस मशीन से काटे जा रहे हैं। वहीं खास यह है कि भले ही निगम के ड्राइवर-परिचालक यूनिफॉर्म न पहनते हों, लेकिन इन डग्गामार बसों में पहने होते हैं। अब अधिकारियों का दावा है कि इन पर लगाम कसी जाएगी।
उझानी इलाके में बुधवार को भी एक डग्गामार बस पकड़ी गई थी। बताया जा रहा है कि उसके परिचालक पर पॉश मशीन भी थी। चालक-परिचालक भी यूनिफॉर्म में थे। पुलिस के बस रुकवाने से पहले ही परिचालक पॉश मशीन लेकर बस कूदकर भाग गया था। उस दौरान बस में करीब 18-19 यात्री सवार थे। उन यात्रियों ने पुलिस को बताया था कि बस का परिचालक पॉश मशीन से टिकट काट रहा था। इसके अलावा बस के ऊपर साधारण किराया, बुलंदशहर और कौशांबी भी लिखा हुआ था। बस का रंग भी रोडवेज बसों की तरह ही था।
इससे एक दिन पहले भी उझानी इलाके में तीन बसें पकड़ी थीं। उनका हुलिया भी रोडवेज बसों की तरह ही था। उनमें भी चालक-परिचालक काम कर रहे थे। वो भी यात्रियों के टिकट पॉश मशीन से काट रहे थे। हैरानी की बात यह है कि पॉश मशीन केवल रोडवेज बसों के परिचालकों के पास होती है, लेकिन पॉश मशीन इनके पास कहां से आई। यह बड़ा सवाल है। लगातार इनके पकड़े जाने से यह भी साफ है कि इनका संचालन कोई बड़ा गैंग करा रहा है। यह गैंग दिल्ली से लेकर बदायूं तक इन बसों को चलवा रहा है। खैर, अब बसें पकड़ी गईं हैं। पुलिस जांच कर रही है। अब सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।
डग्गामार बसों की पहचान, नहीं लिखा होगा डिपो का नाम
भले ही रोडवेज बसों के रंग में कई डग्गामार बसें चल रही हैं, लेकिन इनकी पहचान बहुत सामान्य है। इन डग्गामार बसों पर जिले का नाम लिखा हो सकता है, लेकिन यह डिपो का नाम नहीं लिख सकते। इन पर कौशांबी या बुलंदशहर लिखा हो सकता है। कौशांबी डिपो या बुलंदशहर डिपो नहीं लिखा होगा। यही रोडवेज बस और डग्गामार बस का बहुत बड़ा अंतर है। बाकी इन पर साधारण किराया, बदायूं से दिल्ली भी लिख सकते हैं।
रोडवेज बसों की तरह संचालित होती हैं डग्गामार बसें
इन डग्गामार बसों का संचालन बिल्कुल रोडवेज बसों की ही भांति होता है। यह डग्गामार बसें बदायूं रोडवेज बस स्टैंड के नजदीक तक पहुंच जाती हैं। राजकीय इंटर कॉलेज के नजदीक से सवारियों को बैठाया जाता है। फिर प्रत्येक तय स्टापेज पर रुकती हुईं दिल्ली निकल जाती हैं।
…कहीं परिवहन निगम के कर्मचारी ही तो शामिल नहीं
जिस तरह दिल्ली से लेकर बदायूं तक डग्गामार बसों का संचालन निगम की बसों की भांति कराया जा रहा है, उससे इस गैंग में निगम के कर्मचारियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इनका बस स्टैंड तक पहुंचना और कार्रवाई न होना भी कर्मचारियों को सवालों के घेरे में खड़ा करता है।
रोडवेज चौराहे पर कब्जा जमा चुकी हैं डग्गामार बसें
शहर के रोडवेज चौराहे पर स्थानीय डग्गामार बसें कब्जा जमा चुकी हैं। इन्हें हटवाने की कई बार कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन इन डग्गामार बसों को अब तक नहीं हटाया जा सका है। यह बसें स्थानीय हैं और लोकल रूट पर चलती हैं।
दिल्ली रूट पर चलती हैं रोडवेज की 65 बसें
बदायूं-दिल्ली रूट पर रोडवेज की 65 बसें संचालित होती हैं। अब उनमें दो बसें राजधानी एक्सप्रेस भी चल रहीं हैं। इनके अलावा दिल्ली-बदायूं रूट पर बुलंदशहर डिपो, कौशांबी डिपो और गाजियाबाद डिपो की कई बसें भी चल रहीं हैं। इन्हीं की आढ़ में यह डग्गामार बसें आ जाती हैं।
जिले में इन डग्गामार बसों के संचालन पर रोकथाम की पूरी कोशिश की जा रही है। हमने एआरटीओ से बात की है। इनकी रोकथाम के लिए बदायूं-दिल्ली रूट पर जगह-जगह संयुक्त चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। तब कहीं इनका संचालन बंद होगा। यात्रियों से अनुरोध है कि अगर बस पर डिपो का नाम न लिखा तो सफर करने से बचें।
– धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम परिवहन निगम
इस तरह की बसें हमने पहले भी चेकिंग के दौरान पकड़ीं थीं। उनको सीज कर दिया गया था। अब फिर से यह बसें पुलिस ने पकड़ी हैं। इसके लिए परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ चेकिंग कराई जाएगी। इन बसों को सीज कराया जाएगा। सबसे ज्यादा बदायूं-दिल्ली रूट पर ध्यान देने की जरूरत है।
– सोहेल अहमद, एआरटीओ परिवहन विभाग