Budaun News: किसान की मौत में प्रशासन का कोई कसूर नहीं
– 22 जून को किसान रूम सिंह ने कोर्ट परिसर में जहरीला पदार्थ खाकर दे दी थी जान
– नायब तहसीलदार और लेखपाल पर था उत्पीड़न करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जमीन के दाखिल-खारिज के मामले से परेशान होकर कोर्ट परिसर में जहर खाकर जान देने वाले किसान के मामले में प्रशासन का कोई कसूर नहीं है। मामले की जांच कर रहे एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें आरोपी नायब तहसीलदार और लेखपाल का क्लीन चिट दी गई है।
यह मामला 22 जून 2023 का है। उस दिन ग्राम नगला शर्की निवासी रूम सिंह सदर तहसील के नायब तहसीलदार कोर्ट पहुंचे थे। उनका कहना था कि जिस खेत की छह साल पहले दाखिल खारिज हो चुकी थी। उनका नाम जमीन के अभिलेखों में आ चुका था। अब छह साल बाद अचानक उनका नाम हटाकर दूसरे के नाम दाखिल खारिज कर दी गई। इस संबंध में उन्होंने तहसील के अधिकारियों से शिकायत भी की थी लेकिन उनका नाम जमीन के अभिलेखों में दर्ज नहीं किया गया। कई बार कहने के बावजूद जब अधिकारियों ने नहीं सुना तो उन्होंने 22 जून को आकर नायब तहसीलदार कोर्ट परिसर
में जहरीला पदार्थ खा लिया। इस पर उन्हें बरेली ले जाया गया था, जहां रात को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
यह मामला काफी चर्चित रहा। इसमें नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना को हटा दिया गया था। लेखपाल कुलदीप भारद्वाज को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही डीएम मनोज कुमार ने इसकी विभागीय जांच एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह को सौंपी थी। तब से वह मामले की जांच कर रहे थे। उन्होंने तमाम साक्ष्यों और पत्रावली को आधार मानते हुए इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। उनकी जांच रिपोर्ट में तहसील प्रशासन निर्दोष निकला है।
कार्रवाई में फंस गए थे लेखपाल कुलदीप
– इस मामले में ऐसे लेखपाल कुलदीप को निलंबित कर दिया गया था, जो नगला शर्की में तैनात ही नहीं थे। हकीकत में नगला शर्की पर बिल्सी विधायक हरीश शाक्य के भाई सतेंद्र शाक्य तैनात थे लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
तहसीलदार कोर्ट ट्रांसफर कर दी गई फाइल
– नगला शर्की के किसान रूम सिंह की जिस फाइल पर नायब तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। वह फाइल एडीएम प्रशासन के पास पहुंची। बाद में उसे तहसीलदार कोर्ट भेज दिया गया था। अब वहीं से मामले की सुनवाई हो रही है।
नायब तहसीलदार और लेखपाल पर दर्ज है एफआईआर
किसान के बेटे की ओर से नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना और लेखपाल कुलदीप भारद्वाज समेत पांच लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज है। उसकी अभी भी विवेचना चल रही है। उसमें पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
– किसान के मामले की जांच पूरी हो गई है। इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी गई है। इस जांच के दौरान कोई भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी नहीं निकला है। किसान जो मांग कर रहे थे। उसकी सुनवाई हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी।- विजय कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन