Budaun News: आज से 47 केंद्रों पर शुरू होगी धान खरीद
विभाग का दावा-सभी तैयारियां पूर्ण, बारदाना पहुंचा, तौल के लिए कांटे भी लगाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में मंगलवार से धान खरीद शुरू हो जाएगी। शासन ने इसको लेकर काफी पहले ही समर्थन मूल्य घोषित कर दिया था। जिला प्रशासन ने इस बार चार एजेंसियों पीसीएफ, यूपीएसएस, एफसीआई और विपणन को धान खरीद के लिए नामित किया है। साथ ही 47 क्रय केंद्र बनाए हैं।
शासन की मंशा है कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिल सके। इसके लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यहां तक कि अधिकारियों को समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इस बीच शासन के ओर से धान का समर्थन मूल्य 2183 रुपये भी घोषित किया जा चुका है तो अब शासन से निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से धान खरीद को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
ऐसे में धान खरीद के लिए जिला प्रशासन ने इस बार 47 केंद्र खोलने का निर्णय किया है। इसके लिए चार एजेंसियों को भी नामित किया गया है, ताकि समय से धान खरीद शुरू हो सके और किसानों को धान बेचने के लिए कहीं भटकना न पड़े। विभाग का दावा है कि सभी जगहों पर पर्याप्त बारदाना पहुंचा दिया है। साथ ही तौल के लिए कांटे भी लगा दिए गए हैं।
बिल्सी में सबसे कम क्रय केंद्र
जिले में 47 धान खरीद के लिए केंद्र खोल दिए गए हैं। यहां पर तीन अक्तूबर से धान खरीद शुरू हो जाएगी। ऐसे में बिल्सी तहसील में सबसे कम दो केंद्र खोले गए हैं। वहीं बिसौली में तीन, सहसवान में पांच, दातागंज में 15 केंद्र खोले गए हैं। वहीं सदर तहसील क्षेत्र में 19 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं।
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खरीद को लेकर किसान उदासीन, अफसर परेशान
बदायूं। प्रदेश सरकार धान किसानों के लिए तमाम सुविधाएं दे रही है, बावजूद इसके किसानों का रवैया काफी उदासीन है, जिससे अफसर भी परेशान हैं। जहां इस बार शासन ने 58,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है तो उसके विपरीत करीब डेढ़ लाख किसानों में सिर्फ 600 ने ही ऑनलाइन धान की बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है।
यहां बता दें कि इस बार जिले में करीब 85 हजार हेक्टेयर में करीब डेढ़ लाख किसानों ने धान की फसल की है। 30 लाख क्विंटल धान का उत्पादन होने का अनुमान लगाया जा रहा है, ऐसे में निर्धारित लक्ष्य पूरा होना बेहद मुश्किल लग रहा है। इधर, किसानों के कम पंजीकरण कराने के पीछे किसान मंजेश शाक्य का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसमें फसल को रिजेक्ट करना और समय से धान का मूल्य न मिलना शामिल है। संवाद
किसान ने बयां किया दर्द
इस्लामगर में करीब 84 गांव आते हैं, लेकिन विभाग की तरफ से यहां पर एक भी केंद्र नहीं बनाया है। धान बेचने के लिए नाधा जाना पड़ेगा जो करीब 15 किलोमीटर दूर है। ऐसे में निजी तौर पर धान की बिक्री करेंगे।
-भुवनेश शर्मा, अल्लेहपुर
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सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने का मतलब केवल चक्कर लगाना है, ऑनलाइन डीबीटी से धनराशि दी जाती है। ऐसे में सर्वर डाउन हो गया तो ज्यादा परेशानी होती है।
-रन सिंह, महरौला
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आसपास कोई धान केंद्र है। ऐसे में धान बेचने के लिए कम से कम 10 से 12 किलोमीटर जाना पड़ेगा। ऐसे में निजी तौर धान बेचना फायदे का सौदा है। इसी वजह से पंजीकरण भी नहीं कराया है।
-तसवर, बिनावर
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बंटाई पर जमीन करने पर भी किसानों को दिक्कत आती है, क्योंकि धनराशि खेत स्वामी के खाते में जाती है। जिसके बाद में उस धनराशि को लेने के लिए खेत स्वामी के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
-रमेश पाल सिंह, बरखेड़ा
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मक्का, बाजरा के भी केंद्र आज से होंगे शुरू
जिले में धान की के साथ-साथ केंद्रों पर बाजरा और मक्का के भी सरकारी क्रय केंद्रों को खोला गया है। इन केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदारी की जाएगी। ऐसे में विभाग ने जिले में बाजरा के लिए 18 और मक्का की खरीद के लिए चार केंद्र खोले हैं। इन केंद्रों पर मक्का 2090 और बाजरा 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से क्रय किया जाएगा।



