Budaun News: जानलेवा साबित हो रहे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड़्ढे
बदायूं। निर्मार्णाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। दातागंज क्षेत्र में इन्हीं गड्ढे में छह बालक डूब गए, जिनमें से एक की मौत हो गई। मामूली बरसात में ही यहां खोदे गए गड्ढे तालाब का रूप ले चुके हैं। ऐसे में जब बरसात का मौसम शुरू होगा तो इन गड्ढों में बड़े हादसे होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
गड्ढे में डूूबने से बालक की मौत के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वजह है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जब मिट्टी का खनन शुरू हुआ तो इसकी शिकायतें शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने हादसे की आशंका जाहिर करते हुए कई बार प्रदर्शन भी किया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसका फायदा उठाते हुए कार्यदायी संस्था के ठेकेदार मिट्टी खनन के नाम पर गहरे गड्ढे खोदते रहे।
तीन से चार फुट पर जो मिट्टी उठाई जा सकती थी, वहां जेसीबी लगाकर 15 से 20 फुट तक गड्ढे खोद दिए गए। दातागंज से लेकर बिसौली और जिले की सीमा तक सैकड़ों की संख्या में गड्ढे खोदे गए, लेकिन जिम्मेदारों ने मानक के अनुसार काम न करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह गड्ढे हादसों का सबब बन सकते हैं।
कक्षा छह का छात्र था रंजीत
गड्ढे में डूबकर जान गंवाने वाला बालक रंजीत कक्षा छह का छात्र था। परिजनों ने बताया कि वह पढ़ाई में काफी होशियार था। उसके तीन भाई और हैं, जिनमें से एक भाई संजीव भी उसके साथ गड्ढे में डूबा था, लेकिन उसको बचा लिया गया। रंजीत की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बालक की जहां पर पानी में डूबने से मौत हुई है, वह गड्ढा मिट्टी खनन का नहीं है। वहां अंडरपास के लिए जमीन की खोदाई की गई है। सुरक्षा के लिहाज से वहां इंतजाम कराए जा रहे हैं। – धर्मेंद्र सिंह, एसडीएम दातागंज