Budaun News: पावर एंजिल के हाथों में होगी छात्राओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी
– मीना मंच के तहत होगा पावर एंजिल का चुनाव
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। उच्च प्राथमिक विद्यालय व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को जागरूक करने का जिम्मा अब चुनी गयी पावर एंजिल को दिया जाएगा। मीना मंच के तहत पावर एंजिल का चुनाव किया जाएगा। पावर एंजिल अपनी कक्षा में पढ़ने वाली प्रत्येक छात्रा के संपर्क में रहकर सेफ और अनसेफ टच के बारे में जागरूक करने के अलावा तमाम तरह के दुर्व्यवहार को लेकर जागरूक करेंगी। मीना मंच का गठन करने के लिए शासन की तरफ से बीएसए को जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किये गये हैं।
छात्राओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और घटनाओं को देखते हुए शासन ने सभी बीएसए को उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अलावा कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं में से एक छात्रा को पावर एंजिल बनाते हुए अन्य साथी छात्राओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिये है। इसको लेकर मीना मंचों को पुनर्गठन कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
मीना मंच में सक्रिय बालिकाओं में से प्रत्येक कक्षा से एक बालिका को पावर एंजिल के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इस दौरान पावर एंजिल को उनके दायित्वों की जानकारी भी दी जाएगी। चुनी गयी पावर एंजिल पहले नियुक्ति एक प्रशिक्षक जागरूक करेगा, जिसके बाद पावर एंजिल छात्रा अन्य बालिकाओं को कक्षा या कक्षा के बाहर अवांछित और दुर्व्यवहार के प्रति कैसे सतर्क रहें इसको लेकर जागरूक किया जाएगा। मीना मंच का यह कार्य होगा कि किसी भी छात्रा के साथ किसी तरह की घटना होने की जानकारी तत्काल पावर एंजिल को देनी होगी जिसके बाद पावर एंजिल विद्यालय की कक्षाध्यापक से लेकर प्रधानाध्यापक को घटना से अवगत कराएगी।
यह है मीना मंच का उद्देश्य
1- समस्त बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना।
2- बालिकाओं को अभिव्यक्ति हेतु एक मंच प्रदान करना।
3- बालिकाओं में नेतृत्व और सहयोग करने की भावना जागृत करना।
4- किशोरावस्था सम्बन्धी जिज्ञाशाओं की अभिव्यक्ति व समाधान।
5- पढ़ना, रचनात्मक लेखन और चित्रण की आदत का विकास करना।
यह होंगे पावर एंजिल के कार्य
1-सेफ और अनसेफ टच के बारे में छात्राओं को जागरूक करना।
2-शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न के बारे में जागरूक करना।
3-उचित व्यवहार के बारे में जानकारी देना।
4-अनुपस्थित रहने वाली छात्राओं के अभिभावकों से सम्पर्क करते हुए समस्या का समाधान कराना।
ऐसे होगा मीना मंच का गठन
विद्यालयों में पढ़ने वाली प्रत्येक छात्रा गठन के समय प्रतिभाग करेंगी। मंच में ऐसी बालिकाओं का गठन किया जाएगा जो कक्षा पांच और आठ पास कर चुकी हैं। शुरूआती दौर में बीस बच्चों को फाउंडर मेम्बर के रूप में चयनित किया जाएगा। साथ ही कुछ दिनों के बाद मंच का विस्तार भी किया जाएगा। मंच के समस्त सदस्यों में पांच सदस्य जिनमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और दो सदस्य चुने जाएंगे।



