Budaun News: गर्भवती महिलाओं को हर माह नहीं मिल रहा पोषाहार
जिले में 32 हजार से ज्यादा हैं गर्भवती महिलाएं, 24 हजार धात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। प्रदेश सरकार की ओर से धात्री और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बाल विकास योजना द्वारा पोषाहार वितरण किया जा रहा है लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है। जिले में तमाम धात्री और गर्भवती महिलाओं को प्रतिमाह पोषाहार नहीं मिल रहा है। इस योजना से छोटे बच्चे भी वंचित रह जा रहे हैं।
जिले में 2940 आंगनबाडी केंद्र संचालित हैं। इनमें 2200 आंगनबाड़ी वर्कर और 1800 आंगनबाड़ी सहायिका तैनात हैं। 2200 आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पंचायतों के प्राथमिक स्कूलों में चल रहे हैं। अन्य आंगनबाड़ी केंद्र अर्बन एरिया, पंचायत भवन और विभागीय भवनों में संचालित हैं। बाल विकास योजना द्वारा प्रत्येक धातृ, गर्भवती महिलाएं और छह माह से लेकर छह साल तक के बच्चों को पोषाहार वितरण किया जा रहा है।
पोषाहार पहुंचाने की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को दी गई है। वही आंगनबाड़ी केंद्र तक पोषाहार पहुंचाती हैं लेकिन इसके बावजूद जिले में प्रत्येक धात्री, गर्भवती महिला और बच्चों तक पोषाहार नहीं पहुंच रहा है। विभाग द्वारा यह भी नियम लागू किया गया है कि जो महिलाएं नियमित रूप से केंद्र पर आ रहीं हैं या अपना टीकाकरण करा रहीं हैं। उन्हें शतप्रतिशत पोषाहार उपलब्ध कराया जाए लेकिन फिर भी उन्हें पोषाहार नहीं मिल रहा है। जिले की तमाम महिलाओं ने इसकी शिकायत भी की है। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं आया। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया। रमनगला निवासी सत्यवती का कहना है कि उनकी बहू गर्भवती है। कुछ माह पहले पोषाहार मिला था लेकिन उसके बाद दो माह से कुछ नहीं मिला है। ब्योली निवासी अंजू बताती हैं कि वह दो माह से आंगनबाड़ी केंद्र के चक्कर लगा रही है लेकिन हर बार निराशा मिली है।
एक माह मिला फिर दो माह नहीं मिला पोषाहार
– धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए यह योजना तो काफी सही है। क्योंकि इसमें महिलाओं को भरपूर पोषण तत्व मिल जाते हैं लेकिन उन्हें एक माह मिला और फिर दो माह नहीं मिला तो सब एक बराबर हो जाता है। जिले के अधिकतर इलाकों में ऐसा ही हो रहा है।
विभागीय रिकॉर्ड
– गर्भवती महिलाएं- 32217
– धात्री महिलाएं- 24683
– छह माह से तीन सात तक बच्चे- 167846
– तीन साल से छह साल तक के बच्चे- 141236
– आंगनबाड़ी केंद्र- 2940
– आंगनबाड़ी वर्कर- 2200
– आंगनबाड़ी सहायिका- 1800
– स्कूलों में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र- 2200
– अर्बन एरिया में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र- 400
– विभागीय भवनों में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र- 20
– पंचायत भवनों में संचालित- 70-80
– जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार वितरण किया जा रहा है लेकिन इसमें जो महिलाएं समय पर पहुंच जाती हैं। केवल उन्हें ही पोषाहार वितरण करने का प्रावधान है और उन्हीं के हिसाब से पोषाहार आता है। अगर समय पर पहुंचने के बावजूद पोषाहार नहीं मिल रहा है तो जांच का विषय है।- प्रमोद कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी