Budaun News: जरूरत से आधे भी जिले में नहीं डॉक्टर
जरूरत 207 की, तैनाती सिर्फ 56 की
डाॅक्टर्स डे : कई बीमारियों के विशेषज्ञ तक नहीं, जनरल फिजीशियन से ही उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। इन दिनों स्वास्थ्य महकमा डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में 207 डॉक्टरों की तैनाती होना चाहिए लेकिन यहां उसके आधे चिकित्सक भी तैनात नहीं है। सीएचसी-पीएचसी पर डॉक्टरों की कमी चल रही है। विशेषज्ञ भी नहीं हैं। ऐसे में जनरल फिजीशियन के सहारे ही स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं।
शहर में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, पांच अर्बन हेल्थ सेंटर के अलावा देहात में 15 सीएससी और एक पीएचसी है। वहीं 43 न्यू पीएचसी के अलावा पचास से अधिक अर्बन हेल्थ सेंटर हैं। इन सभी में डॉक्टरों की कमी है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कई रोगों के विशेष तैनात न होने के कारण सभी जिम्मेदारी फिजीशियन को ही निभानी पड़ती है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 207 डॉक्टरों की पोस्टिंग होनी चाहिए, बावजूद इसके महज 56 डॉक्टरों की ही तैनाती है। इन डॉक्टरों में भी पांच डॉक्टर प्रशासनिक कार्य देखते हैं। इस वजह से यहां डॉक्टरों की काफी कमी चल रही है।
डॉक्टरों की कमी को पूरा करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन शासन स्तर से डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सही से इलाज नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा तो गंभीर मरीजों को दिक्कत आती है, क्योंकि यहां गंभीर मर्ज के विशेषज्ञ नहीं हैं।
एक डॉक्टर के हवाले तीन-तीन स्वास्थ्य केंद्र
सीएचसी-पीएचसी के अलावा यहां अर्बन हेल्थ सेंटर पर स्टाफ की कमी है। यहां नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी के चलते एक-एक डॉक्टर को तीन-तीन स्वास्थ्य केंद्रों का जिम्मा दिया गया है। इस वजह से वह दो-दो दिन के हिसाब से ही संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलते हैं।
जिला अस्पताल में शुरू नहीं हो सके वेंटिलेटर
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते वेंटिलेटर शुरू नहीं हो सके हैं। इमरजेंसी में सात वेंटिलेटर हैं। इनका उद्घाटन भी हो चुका है, लेकिन फिजीशियन, कॉर्डियोलॉजिस्ट, एनेस्थिया के डॉक्टर न होने की वजह से इनका उपयोग नहीं किया जा सकता। ऐसे में मरीजों को रेफर किया जाता है।
वर्जन …
– स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों कमी चल रही है। डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती यहां कर दी जाएगी। – डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ