Budaun News: रामगंगा कर रही जबरदस्त कटान, लोगों में दहशत

उसहैत के गांव बेहटी में सड़कों पर तंबू लगाकर रह रहे लोग।संवाद
उसहैत और दातागंज क्षेत्र के कई गांव में भरा पानी, खेती भी नष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। बाढ़ के कारण उसहैत क्षेत्र के गांव बेहटी में सड़कों पर पानी आ गया है, जिससे आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इधर, दातागंज में नगरिया खनू पुल से कुडरा मजरा गांव की ओर खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में काफी फसल नष्ट हो गई है। यहां रामगंगा ने रुख बदल दिया है और वह जबर्दस्त कटान कर रही है। इससे लोगों में दहशत है।
शुक्रवार को रामगंगा के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर 160.500 मीटरगेज दर्ज किया गया जबकि बृहस्पतिवार को यह 160.290 मीटरगेज था। गंगा में खतरे का निशान 162 मीटरगेज पर है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा असर दातागंज तहसील के गांवों पर पड़ा है।
लगातार बढ़ रहे रामगंगा के जलस्तर से दातागंज में नगरिया खनू पुल के पिलर संख्या पांच, छह सात, 10 व 12 पानी में लगभग समा गए हैं तो कुडरा मजरा वाली साइड में खेतों में पानी भर गया है। इस साइड में रामगंगा जबर्दस्त कटान कर रही है, जिससे सैकड़ों बीघा जमीन पानी में समा चुकी है। यहां खेती करने वाले किसानों की फसलें नष्ट हो गईं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रामगंगा का कटान यू हीं जारी रहा तो पुल वाला हिस्सा सूखे में चला जाएगा और रामगंगा दूसरी तरफ बहने लगेगी।
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शुक्रवार को छोड़ा गया पानी
– नरौरा- 172128 क्यूसेक
– बिजनौर- 163274 क्यूसेक
-हरिद्वार- 186091 क्यूसेक
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पुल की बाउंड्री को नुकसान, हुए गहरे गड्ढे
दातागंज। राज्य सेतु निगम ने नगरिया खनू और लालपुर खादर के मध्य रामगंगा नदी पर पुल का निर्माण 4681.76 लाख रुपये की लागत से कराया था। करीब सात सौ मीटर लंबे इस पुल का पहुंच मार्ग करीब 525 मीटर लंबा है। फिलहाल एक जगह पुल की बाउंड्री क्षतिग्रस्त हो गई है तो वहीं साइड में काफी गहरे गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में इधर से गुजरने वालों के लिए खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो कभी भी हादसा हो सकता है। संवाद
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अंधेरे में काट रहे रातें, पशुओं के चारे का भी संकट
उसहैत। क्षेत्र के बेहटी और जटा गांव के लोगो की परेशानी बढ़ती जा रही है। बेहटी में मुख्य सड़क तक पानी आ गया है। जिससे लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कत आने लगी है। बिजली न मिलने के कारण उन्हें रात भी अंधेरे में काटनी पड़ रही है तो पशुओं के चारे के लिए भी संकट पैदा हो गया है। जटा गांव में आधे से अधिक ग्रामीण अटैना गंगा पुल के पास तंबू लगाकर सड़क पर रहने को मजबूर हैं।
सहसवान। क्षेत्र के गांव तेलियानगला, तौफी नगला भमरौलिया, परशुराम नगला में पानी कई ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। ऐसे में तमाम परिवार महावा पुल पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों की हजारों बीघा फसल नष्ट हो गई है। लोगों का कहना है उन्हें प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही। पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है और फसल नष्ट होने की वजह से सब्जियाें की किल्लत बनी हुई है। संवाद

उसहैत के गांव बेहटी में सड़कों पर तंबू लगाकर रह रहे लोग।संवाद

उसहैत के गांव बेहटी में सड़कों पर तंबू लगाकर रह रहे लोग।संवाद

उसहैत के गांव बेहटी में सड़कों पर तंबू लगाकर रह रहे लोग।संवाद

उसहैत के गांव बेहटी में सड़कों पर तंबू लगाकर रह रहे लोग।संवाद

उसहैत के गांव बेहटी में सड़कों पर तंबू लगाकर रह रहे लोग।संवाद