Budaun News: डिग्री कॉलेज कब्जाने की कोशिश, चार पर रिपोर्ट
नई सराय के आसिम सिद्दीकी मेमोरियल डिग्री कॉलेज का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। नई सराय इलाके में स्थित आसिम सिद्दीकी मेमोरियल डिग्री कॉलेज कब्जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। कॉलेज के प्रबंधक जुहेब अली सैय्यद ने फर्जी कागजात और समिति बनाकर कॉलेज कब्जाने की कोशिश के आरोप में पिता-पुत्र समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है।
नई सराय निवासी जुहेब अली सैय्यद के मुताबिक उनके पिता स्व. अनवार अली सैय्यद और पिता के बहनोई स्व. डॉ. इर्ताजा हुसैन सिद्दीकी ने अपने बेटे आसिम सिद्दीकी की वर्ष 2007 में मृत्यु के बाद एक शिक्षा समिति बनाना चाही थी, जिसमें शाना सिद्दीकी और उनके बेटे नजीब सिद्दीकी और पिता के भतीजे नवेद सैय्यद को सदस्यता देना चाहते थे लेकिन आरोपी इशरत हुसैन और उनके बेटे नदीम हुसैन ने बताया कि इसमें विदेशी व्यक्ति सदस्यता नहीं ले सकते।
इसके बाद आसिम सिद्दीकी एजुकेशनल ट्रस्ट बनाई गई। इसमें सभी विदेशी लोग सदस्य बनाए गए। इसमें इशरत हुसैन को भी सदस्य बनाया गया था। नदीम गणित के प्रवक्ता थे। इससे उन्हें भी इसमें शामिल कर लिया गया। चूंकि उनके पिता दिल के मरीज थे। आरोपी समिति के बारे में अच्छी तरह से जानते थे। इससे उन्होंने समिति को निरस्त करने का एलान कर दिया।
फिर उसे न तो निरस्त किया गया और न ही उसके नाम से खाता खोला गया। इस दौरान आसिम मेमोरियल डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया गया। इसमें पिता ने जमीन दी और कई ट्रस्टियों ने सहयोग किया। वर्ष 2007 से 2021 तक आरोपी समिति को चलाते रहे। उन्होंने परिवार वालों के फर्जी हस्ताक्षर कर सोसायटी रजिस्ट्रार के यहां समिति के रिन्युअल के लिए आवेदन किया।
फिर उन्होंने कई बार फर्जी बैठकें दिखाईं। उनमें कई लोग उपस्थित दिखाए गए जबकि उनके पिता को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। आरोपियों ने फर्जी अभिलेख तैयार कराए, जिससे वह कॉलेज पर कब्जा कर सकें। बाद में उस समिति के स्वयं अध्यक्ष बन गए और इशरत ने अपने दूसरे बेटे सोहिल को प्रबंधक बना लिया।
रजिस्ट्रार ने कई बार उन्हें अभिलेख दिखाने के लिए बुलाया लेकिन उनका खाता खुला नहीं था। इससे मामला संदिग्ध माना गया। जुहेब अली का आरोप है कि यह सब कॉलेज कब्जाने के लिए किया गया। इससे उन्होंने इशरत हुसैन सिद्दीकी, नदीम इशरत और सोहिल इशरत समेत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।